मुख्यमंत्री से वार्ता और संयुक्त बैठक कराने का आश्वासन, 40 दिनों से ईको गार्डन में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने उठाई नियुक्ति की मांग
आरक्षण विसंगति पर सरकार से जवाब मांग रहे अभ्यर्थी, आयोग के आदेश के अनुपालन और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति का मामला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा के केंद्र में आ गया है। भर्ती में कथित अनियमितता और आरक्षण संबंधी विसंगति के समाधान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने शनिवार सुबह 11 बजे कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया।
‘दस्तक दो अभियान’ के तहत पहुंचे अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराने, भर्ती परिणाम में संशोधन और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई। मंत्री की ओर से मुख्यमंत्री से वार्ता कर संयुक्त बैठक कराने का आश्वासन मिलने के बाद भी अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि ठोस निर्णय होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अभ्यर्थी पिछले 40 दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन धरना स्थल पर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से मुलाकात करने के बावजूद अब तक मामले का समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में अभ्यर्थियों ने सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए मंत्रियों के आवास पर दस्तक देने का अभियान शुरू किया है।
आयोग के आदेश के अनुपालन पर सरकार से जवाब मांग रहे अभ्यर्थी
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह ने कहा कि 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़ी विसंगति के मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से आदेश जारी किया गया है। अभ्यर्थियों की मांग है कि आदेश के अनुरूप अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के पात्र अभ्यर्थियों को आरक्षित श्रेणी का लाभ दिया जाए और भर्ती परिणाम में आवश्यक संशोधन कर नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
अभ्यर्थियों ने आरक्षण संबंधी विसंगति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। आंदोलन में सहयोग कर रहे आशुतोष वर्मा ने कहा कि आदेश जारी होने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होना अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी का कारण है। उनका कहना है कि न्याय की मांग को लेकर वे लगातार जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
संजय निषाद का आश्वासन, मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगे मामला
प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रकरण पर मुख्यमंत्री से वार्ता करने और अभ्यर्थियों, संबंधित अधिकारियों तथा विभागीय मंत्री की संयुक्त बैठक कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया, ताकि मामले पर चर्चा कर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।
मंत्री ने आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि आरक्षण किसी की भीख नहीं, बल्कि अधिकार है। उन्होंने अभ्यर्थियों की पीड़ा के प्रति सहानुभूति जताई और कहा कि आरक्षण व्यवस्था का सही तरीके से लागू होना जरूरी है। उन्होंने मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की बात भी कही।
वार्ता के बाद मंत्री ने अभ्यर्थियों को कोल्ड ड्रिंक भी पिलाई। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर वापस ईको गार्डन धरना स्थल भेज दिया।
नियुक्ति और जवाबदेही पर अड़े अभ्यर्थी, आंदोलन जारी रखने का एलान
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन, भर्ती परिणाम में संशोधन, पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं। अब उन्हें आश्वासन के बजाय ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता और संयुक्त बैठक की पहल से समाधान की उम्मीद जगी है, लेकिन उनकी मांगों पर निर्णय होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल कुमार, रंजना जायसवाल, राकेश साहनी, मनीष पटवा, सच्चिदानंद, आरती वर्मा सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल रहे।




