मेला वाली बाग में खुलेआम हो रही बिक्री, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लम्भुआ और रामनगर चौराहे पर निर्धारित थे बिक्री स्थल, फिर भी नियमों की अनदेखी
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
जनपद सुल्तानपुर के चांदा कोतवाली के अंतर्गत चांदा मार्केट मे दीपावली के त्योहार पर पटाखों की बिक्री को लेकर प्रशासन की ओर से निर्धारित किए गए नियमों की चांदा और कोइरीपुर में खुलेआम अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर चांदा बाजार के आसपास अस्थायी पटाखा दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद चांदा की मेला वाली बाग और कोइरीपुर में पटाखों की दुकानें सज गईं और बिक्री शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने पटाखों की सुरक्षित बिक्री के लिए लम्भुआ और भदैया क्षेत्र के रामनगर चौराहे पर निर्धारित स्थल चिह्नित किए थे। उपजिलाधिकारी कार्यालय के मुताबिक, शासन के निर्देशों के तहत पटाखा बिक्री स्थलों पर अग्निशमन वाहन, सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिक्री के लिए सीमित स्थान निर्धारित किए गए थे।
इसके बावजूद प्रतिबंधित अथवा गैर-निर्धारित स्थानों पर दुकानें लगने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब चांदा की मेला वाली बाग और कोइरीपुर में दुकानें लगाने की अनुमति नहीं थी, तो दुकानदारों ने किसके आदेश पर दुकानें सजाईं? क्या संबंधित कारोबारियों के पास वैध लाइसेंस और अनुमति है या फिर नियमों को ताक पर रखकर पटाखों की बिक्री की जा रही है?
पटाखों की बिक्री के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और बिना अनुमति संचालित दुकानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाता है।




