2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और इंडी गठबंधन की रणनीति पर मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल योगी बोले- जनता का भरोसा जीतने के लिए काम करना पड़ता है
बहाने बनाने से नहीं मिलती राजनीतिक सफलता
गोरखपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उनके नेतृत्व और कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राहुल गांधी को राजनीति में स्थापित करने के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन हर बार पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सियासी रणनीतियों का दौर तेज हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2004 में उन्हें सांसद बनाकर राजनीति में आगे बढ़ाया गया। वर्ष 2007 में कांग्रेस का महासचिव, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 2017 में पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। इसके बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को अपनी परंपरागत अमेठी सीट से हार का सामना करना पड़ा।
योगी ने तंज कसते हुए कहा कि इसके बाद उन्हें राजनीतिक रूप से स्थापित करने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निकाली गई, लेकिन वह भी कागज के रॉकेट की तरह फुस्स हो गई। इसके बाद न्याय यात्रा और अधिकार यात्रा जैसे प्रयास भी किए गए, लेकिन कांग्रेस को अपेक्षित राजनीतिक परिणाम नहीं मिले।
योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी की उम्र और राजनीतिक सक्रियता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह अब 56 वर्ष के हो चुके हैं, लेकिन कांग्रेस उन्हें अभी भी युवा नेता के रूप में पेश कर रही है। मुख्यमंत्री ने तंज किया कि राहुल गांधी की युवावस्था का दौर निकल चुका है, फिर भी कांग्रेस उन्हें बार-बार लॉन्च करने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीति में जनता का भरोसा काम करने से जीता जाता है, कारनामों और बहानेबाजी से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस और उसके सहयोगियों को सत्ता में काम करने का अवसर मिला, तब उन्होंने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के बजाय ऐसे काम किए, जिनका खामियाजा उन्हें चुनावों में भुगतना पड़ा। अब हार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय गठबंधन के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की राजनीतिक रणनीति और विपक्षी गठबंधन पर हमले के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच संभावित तालमेल, विपक्ष की एकजुटता, विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार और जनकल्याणकारी योजनाएं प्रदेश की सियासत के प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं। ऐसे में योगी का यह हमला केवल राहुल गांधी तक सीमित नहीं, बल्कि विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व और उसकी चुनावी विश्वसनीयता को भी निशाने पर लेने की कोशिश माना जा रहा है।




