अब भारत की अगली पीढ़ी की मिसाइलों पर नजर भारत में बने हथियारों पर बढ़ा भरोसा
फिलीपींस के राजदूत ने की ब्रह्मोस सौदे की सराहना
स्टील्थ तकनीक से लैस नेक्स्ट जेनरेशन ब्रह्मोस का इंतजार, रक्षा सहयोग को और विस्तार देने के संकेत
नई दिल्ली/Etv News 24/संवाददाता वागीश
भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने के बाद फिलीपींस काफी उत्साहित है। वह भारत में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला पहला विदेशी देश है। अब उसकी नजर भारत की अगली पीढ़ी की मिसाइल तकनीक पर भी टिकी हुई है। खास तौर पर स्टील्थ तकनीक से लैस नेक्स्ट जेनरेशन ब्रह्मोस को लेकर फिलीपींस की दिलचस्पी चर्चा में है।
भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ब्रह्मोस सौदे को दोनों देशों के रक्षा संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उनके बयान से स्पष्ट संकेत मिलता है कि फिलीपींस भारत को एक भरोसेमंद रक्षा साझेदार के रूप में देख रहा है। भारत में निर्मित अत्याधुनिक हथियारों की खरीद ने दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को नई दिशा दी है।
फिलीपींस की दिलचस्पी केवल मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल तक सीमित नहीं है। वह भविष्य में भारत की उन्नत रक्षा तकनीकों के साथ भी जुड़ना चाहता है। इसी क्रम में अगली पीढ़ी की ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर उसकी उम्मीदें बढ़ी हैं।
स्टील्थ तकनीक से लैस मिसाइलों की खासियत उनकी रडार पर कम पकड़ में आना है, जिससे उनकी सामरिक क्षमता में इजाफा हो सकता है।
भारत और फिलीपींस के बीच यह रक्षा साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सामरिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।
ब्रह्मोस सौदे ने भारत के रक्षा निर्यात को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि आने वाले समय में दोनों देश रक्षा तकनीक और सैन्य सहयोग के क्षेत्र में कितनी आगे बढ़ते हैं।




