मायावती ने मंडलवार कार्यकर्ताओं को राजधानी पहुंचने के दिए निर्देश, 2027 से पहले संगठन की ताकत पर नजर
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बहाने बसपा का शक्ति परीक्षण, प्रदेशभर से जुटेंगे कार्यकर्ता
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अपने संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर नौ अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रदेश के सभी मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को लखनऊ पहुंचकर कांशीराम स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी की ओर से इसे कांशीराम को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम बताया गया है, लेकिन विधानसभा चुनाव 2027 से पहले होने वाले इस जमावड़े के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
पार्टी नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि बसपा इस आयोजन के जरिए प्रदेश में अपने संगठन की सक्रियता और जमीनी उपस्थिति का संदेश देने की कोशिश करेगी। लंबे समय से चुनावी गतिविधियों में संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने में जुटी बसपा के लिए यह कार्यक्रम कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने और पार्टी की चुनावी तैयारियों को गति देने का अवसर भी माना जा रहा है।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर राजधानी में होने वाला जमावड़ा ऐसे समय हो रहा है, जब सभी प्रमुख दल 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। बसपा का परंपरागत दलित वोट बैंक उसकी राजनीति का आधार रहा है और पार्टी लगातार अपने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दे रही है। ऐसे में नौ अक्टूबर का कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित रहता है या इसके जरिए पार्टी आगामी चुनाव के लिए कोई बड़ा राजनीतिक संदेश देती है, इस पर भी नजर रहेगी।
बसपा नेतृत्व के लिए लखनऊ में कार्यकर्ताओं की भागीदारी पार्टी की मौजूदा सांगठनिक स्थिति का अहम संकेत भी मानी जाएगी। यदि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजधानी पहुंचते हैं तो पार्टी इसे अपने कैडर की सक्रियता के रूप में पेश कर सकती है। वहीं, 2027 के चुनावी मुकाबले में बसपा की भूमिका को लेकर भी इस कार्यक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में नए सिरे से चर्चा तेज होने की संभावना है।




