बारिश के बाद जलभराव बना डेंगू का बड़ा खतरा, फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर
मच्छरों का बढ़ता प्रकोप और डेंगू के मरीजों की रफ्तार ने बढ़ाई चिंता, फॉगिंग-एंटी लार्वा अभियान की बढ़ी जिम्मेदारी
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
लखनऊ राजधानी 5 अक्टूबर 2026 सूत्रों के मुताबिक जानकारी के अनुसार लखनऊ राजधानी में बारिश के बीच डेंगू ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले पांच दिनों में 87 नए डेंगू मरीज मिलने से वर्ष 2026 में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 342 हो गई है। अचानक बढ़े मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के सामने चुनौती बढ़ा दी है।
बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव और जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है।
फैजुल्लागंज समेत निचले और जलभराव वाले इलाकों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे में डेंगू नियंत्रण के लिए फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव अभियान की प्रभावशीलता पर भी नजर रहेगी।
87 नए मामले सामने आने से बढ़ी चिंता
पांच दिन में 87 नए मरीज सामने आने का मतलब है कि राजधानी में डेंगू संक्रमण की रफ्तार को हल्के में नहीं लिया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जांच की गतिविधियां बढ़ाई जा रही हैं। नगर निगम की टीमों को फॉगिंग तथा मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
जलभराव वाले इलाकों में असली चुनौती
डेंगू नियंत्रण में सबसे बड़ी चुनौती बारिश के बाद जमा पानी है। घरों की छतों, कूलर, गमलों, पुराने टायर, कबाड़ और खाली प्लाटों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। ऐसे में केवल फॉगिंग के भरोसे डेंगू पर नियंत्रण मुश्किल है। जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान और लगातार एंटी-लार्वा अभियान भी जरूरी है।
तेज बुखार को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, कमजोरी या डेंगू से जुड़े अन्य लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने की भी सलाह दी गई है। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करने के साथ घर और आसपास पानी जमा न होने देने को कहा गया है।
अब चुनौती सिर्फ डेंगू के बढ़ते आंकड़े रोकने की नहीं, बल्कि उन इलाकों में जलभराव और मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण की है, जहां संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है।




