खेतों से उठ रहा धुएं का गुबार, पर्यावरण प्रदूषण को लेकर जिम्मेदारों की निगरानी पर उठे सवाल
दिनेश कोरी समेत कई किसानों पर पराली जलाने का आरोप, कार्रवाई का इंतजार
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
जनपद में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। किसानों को पराली न जलाने की सख्त हिदायत भी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद सरकारी निर्देशों का जमीन पर असर दिखाई नहीं दे रहा है। कुड़वार विकासखंड की ग्राम पंचायत सरकौड़ा में खुलेआम पराली जलाए जाने का मामला सामने आया है।

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सरकौड़ा में दिनेश कोरी समेत कई किसानों पर खेतों में पराली जलाने का आरोप है। सामने आई तस्वीरों में खेतों के बीच पराली जलती दिखाई दे रही है। इससे उठने वाला धुआं आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। पराली जलाने से वायु गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन और एसडीएम स्तर से पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद ग्राम पंचायत में नियमों की अनदेखी कैसे हो रही है? इस पर संबंधित हल्का लेखपाल की निगरानी और जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब निगाहें तहसील प्रशासन और कृषि विभाग पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करेंगे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेंगे, या फिर पराली रोकने के लिए जारी प्रशासनिक चेतावनी महज कागजी साबित होगी?




