डीएम ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने पर दिया जोर, छात्र-छात्राओं की समान भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश
जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण और निर्माणाधीन कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश, बीईओ भदैंया से मांगा स्पष्टीकरण
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने विद्यालयों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कर निजी विद्यालयों के समकक्ष विकसित करने तथा शैक्षिक और सह-शैक्षिक गतिविधियों में छात्र-छात्राओं की समान भागीदारी सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति, जनपद स्तरीय मध्यान्ह भोजन टास्क फोर्स, ऑपरेशन कायाकल्प और निर्माणाधीन परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा बैठक हुई। इसमें विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, निर्माण कार्यों की प्रगति और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की बिंदुवार समीक्षा की गई। डीएम ने डीसी सिविल को विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति और अद्यतन स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में विद्यालयों में खेलकूद और अन्य शैक्षिक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रमों की फोटो और पीपीटी उपलब्ध कराने को कहा गया। कार्यों में शिथिलता मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी भदैंया को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, सीएनडीएस को आवंटित निर्माण कार्यों में तेजी लाने और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से कार्यप्रणाली में शिथिलता को लेकर स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश भी दिए।
डीएम ने विद्यालयों में लैंगिक समानता पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक गतिविधि में छात्र और छात्राओं को समान अवसर मिलना चाहिए। रसोई में केवल छात्राओं से भोजन बनवाने की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने छात्रों की सहभागिता भी सुनिश्चित कराने को कहा। प्रयोगशालाओं में भी छात्राओं की समान भागीदारी के निर्देश दिए। कक्षा आठ, नौ और दस में पढ़ने वाली कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को आईआईटी की फाउंडेशन तैयारी कराने के लिए आकांक्षा समिति के सहयोग से व्यवस्था करने को कहा।
माध्यमिक विद्यालयों की प्रयोगशालाओं की स्थिति पर असंतोष जताते हुए डीएम ने उन्हें आधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से सुसज्जित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विद्यालयों में नियमित पैरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित कर अभिभावकों से प्रभावी संवाद स्थापित करने को कहा। खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों की शिक्षण गुणवत्ता का नियमित निरीक्षण करने और कमियां मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विद्यालयों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने अवशेष जर्जर भवनों का शीघ्र ध्वस्तीकरण कराने तथा निर्माणाधीन विद्यालय भवनों और अन्य परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने को कहा। स्कूल चलो अभियान की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बाउंड्रीवाल निर्माण की समीक्षा में भूमि विवाद के कारण लंबित मामलों की जानकारी ली गई। डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारियों को संबंधित उपजिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर भूमि विवादों का प्राथमिकता से निस्तारण कराने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों में विकास कार्य बाधित न हों। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, सुरक्षा, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




