धान की फसल बर्बाद खेतों में खड़ी और कटी फसल पानी में डूबी
तेज हवा से जमीन पर बिछी धान की बालियां
अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के सामने आर्थिक संकट, मुआवजे की आस
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
राजधानी लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज हवाओं के साथ हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने धान की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। खेतों में खड़ी फसल जहां तेज हवाओं के चलते जमीन पर बिछ गई, वहीं कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल बारिश के पानी में भीग गई। इससे किसानों के सामने फसल बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
इस बार धान की अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को मौसम की मार ने गहरा झटका दिया है। कई दिनों की मेहनत और लागत लगाने के बाद तैयार हुई फसल बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। खेतों में पानी भरने से कटी हुई फसल के सड़ने और धान के दानों में अंकुर निकलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, खेतों में गिरी फसल की कटाई और मड़ाई करना भी किसानों के लिए मुश्किल हो गया है।
किसानों का कहना है कि खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और कृषि कार्यों पर काफी खर्च करने के बाद फसल तैयार हुई थी। अब बेमौसम बारिश ने उनकी सारी उम्मीदें तोड़ दी हैं। भीगी हुई धान की गुणवत्ता प्रभावित होने से मंडी में उचित मूल्य मिलना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में किसानों को लागत निकालना तक चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।
प्राकृतिक आपदा की इस मार से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का तत्काल सर्वेक्षण कराने और नुकसान का उचित आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी क्षति को गंभीरता से लेते हुए राहत पहुंचाने के लिए जल्द कदम उठाएगी।




