साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दी राहत एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला
आठ साल पुराने मामले में राहुल गांधी को बड़ी राहत
कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचे राहुल गांधी, समर्थकों में खुशी
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है। सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में राहुल गांधी को दोषमुक्त कर दिया। फैसले की जानकारी मिलते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। अदालत परिसर में राहुल गांधी के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस दौरान समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ भी जुटी रही।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में राहुल गांधी की ओर से तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से आहत होकर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही थी। लंबे समय से चल रहे इस मामले में दोनों पक्षों की बहस गत 13 अक्टूबर को पूरी हुई थी। इसके बाद अदालत ने फैसले के लिए पत्रावली सुरक्षित रख ली थी।
दोनों पक्षों ने रखे अपने-अपने तर्क
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के अधिवक्ता ने लिखित बहस में विवादित बयान दिए जाने की बात स्वीकार करते हुए दलील दी थी कि बयान सद्भावना के तहत दिया गया था और किसी को अपमानित करने का उद्देश्य नहीं था। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। वहीं, परिवादी पक्ष के अधिवक्ता ने विवादित टिप्पणी को स्वीकार किए जाने का हवाला देते हुए राहुल गांधी को दोषी ठहराने की मांग की थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। साक्ष्य के अभाव में राहुल गांधी को दोषमुक्त करार दिए जाने से उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिली है। फैसले के बाद उनके समर्थकों ने खुशी जताई।




