वोट कटौती से लेकर 2027 तक साधा निशाना
तीन करोड़ वोट काटने के दावे पर उठाए सवाल
भाजपा की घुसपैठिया नीति को बताया सियासी ड्रामा
2027 में 2024 जैसे नतीजे दोहराने का दावा
कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील
धार्मिक स्थलों पर चंदा चोरी का लगाया आरोप, बोले- वोटों की सुरक्षा लोकतंत्र बचाने की लड़ाई
अयोध्या उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने अयोध्या में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में करीब तीन करोड़ वोट काटे गए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के लिए छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने पीलीभीत का उदाहरण भी दिया।
नकुल दुबे ने भाजपा की ओर से घुसपैठियों के वोट काटने संबंधी दावों को राजनीतिक ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में एक भी घुसपैठिया नहीं मिलेगा।
कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा को लोकतंत्र से जुड़ा अहम मुद्दा बताते हुए कहा कि वोटों की सुरक्षा के लिए कार्यकर्ताओं को सजग रहना होगा।
2027 में भाजपा को हराने का दावा
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नकुल दुबे ने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव जैसे परिणाम वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दोहराए जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की तैयारियों का हवाला देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से सक्रिय रहने और जनता के बीच पहुंचकर भाजपा की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उनके बयान को प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की राजनीतिक लामबंदी के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
धार्मिक स्थलों पर चंदे को लेकर भी घेरा
कांग्रेस नेता ने बड़े मंदिरों और धार्मिक स्थलों में चंदे के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए भाजपा को घेरने की कोशिश की। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई विशिष्ट उदाहरण या साक्ष्य प्रस्तुत किया या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संघर्ष का संदेश देते हुए कहा कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए पीछे हटने का सवाल नहीं है। अपने आक्रामक राजनीतिक तेवर दिखाते हुए उन्होंने ‘ईंट से ईंट बजा देंगे’ जैसी टिप्पणी भी की।
नकुल दुबे के इस बयान से प्रदेश की राजनीति में मतदाता सूची, कथित वोट कटौती और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बहस तेज होने के संकेत हैं।




