लखनऊ से अमेठी, रायबरेली और सुल्तानपुर तक लगे पोस्टर, राहुल गांधी पर भरोसे का संदेश
होर्डिंग से खड़गे गायब, इमरान मसूद को मिली
प्रमुखता; 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस के सियासी इरादों की चर्चा तेज
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है। कांग्रेस कार्यालयों के बाहर राजधानी लखनऊ समेत अमेठी, रायबरेली और सुल्तानपुर में लगाए गए होर्डिंग ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इन होर्डिंग पर लिखे नारे ‘200 सीट हक है हमारा’ और ‘यूपी को है राहुल गांधी पर भरोसा’ के जरिए कांग्रेस ने अपनी चुनावी महत्वाकांक्षा का संदेश देने की कोशिश की है। इन नारों को समाजवादी पार्टी के साथ इंडी गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस की मजबूत दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
होर्डिंग पर राहुल गांधी की तस्वीर प्रमुखता से लगाई गई है। उनके साथ सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और सांसद इमरान मसूद की तस्वीरें भी नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि होर्डिंग में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर नहीं दिखाई दे रही है। वहीं, आराधना मिश्रा और राजेंद्र पाल की तस्वीरें इमरान मसूद की तस्वीर के मुकाबले छोटे आकार में नजर आ रही हैं। तस्वीरों के इस क्रम और आकार को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है।
200 सीटों की मांग से गठबंधन की राजनीति पर निगाहें
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर संभावित बातचीत के मद्देनजर ‘200 सीट हक है हमारा’ का नारा खास मायने रखता है। इसे कांग्रेस की ओर से अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी का दावा पेश करने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, होर्डिंग पर लिखे नारे अपने आप में गठबंधन की ओर से सीटों के बंटवारे पर किसी आधिकारिक फैसले की पुष्टि नहीं करते हैं। विधानसभा चुनाव में दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर क्या समीकरण बनता है, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी।
कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में संदेश, 2027 की तैयारी के संकेत
लखनऊ के साथ अमेठी, रायबरेली और सुल्तानपुर में होर्डिंग लगाए जाने को भी अहम माना जा रहा है। ये इलाके कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक पहचान और गांधी परिवार से जुड़े चुनावी इतिहास के कारण चर्चा में रहे हैं।
राहुल गांधी पर भरोसे का संदेश देकर पार्टी
कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चुनावी माहौल बनाने की कोशिश के रूप में इसे देखा जा रहा है। अब सवाल यह है कि होर्डिंग पर दिख रही 200 सीटों की दावेदारी गठबंधन की बातचीत में कांग्रेस की वास्तविक रणनीति बनती है या यह फिलहाल कार्यकर्ताओं की ओर से दिया गया राजनीतिक संदेश भर है। इतना जरूर है कि इन होर्डिंग ने 2027 के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं को हवा दे दी है।




