कार्यप्रणाली समझने का अवसर, बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की पहल
कुड़वार में मिशन शक्ति के तहत बालिका सशक्तीकरण पर जोर, आत्मनिर्भर बनने के लिए छात्राओं को किया प्रेरित
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
मिशन शक्ति अभियान के तहत बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बेटियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से अनूठी पहल की गई। बीआरसी कुड़वार में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की कक्षा आठ की मेधावी छात्रा शिखा को एक दिन के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की भूमिका निभाने का अवसर दिया गया।
इस दौरान शिखा ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझा और बीआरसी के संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों की जानकारी प्राप्त की।
इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को कम उम्र से ही नेतृत्व के लिए प्रेरित करना और उन्हें यह विश्वास दिलाना है कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती।
जिम्मेदारी मिलने पर शिखा ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को समझने में रुचि दिखाई। इस अनुभव ने छात्राओं के सामने यह संदेश रखा कि शिक्षा और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वे भविष्य में प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकती हैं।
बेटियों को मिले अवसर, तभी बढ़ेगा आत्मविश्वास
मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस पहल के माध्यम से बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
अधिकारियों की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहा। इस तरह के कार्यक्रम बेटियों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने और उनके सपनों को नई दिशा देने में सहायक हो सकते हैं।
शिखा को एक दिन के लिए बीईओ की भूमिका सौंपना महिला सशक्तीकरण की दिशा में सकारात्मक संदेश है। इससे छात्राओं को यह प्रेरणा मिली कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करें। आज की छात्राएं ही भविष्य में प्रशासन, शिक्षा, समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा सकती हैं।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी कुड़वार, ब्लॉक एमआईएस रंजीत, लेखाकार जगन्नाथ, अनीता, सरजू प्रसाद पाठक, आशीष यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों को शिक्षा के साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया।
कुड़वार में हुई इस पहल ने बालिका सशक्तीकरण और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में प्रेरणादायक संदेश दिया। संदेश स्पष्ट है कि बेटियों को सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे भविष्य में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता रखती हैं।




