शादी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने का आरोप, सहकर्मी सिपाही के खिलाफ मुकदमा
पिता ने पुलिस पर लगाया सुनवाई न करने का आरोप, अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच
उत्तर प्रदेश / etv news 24 ब्यूरो एजेंसी लखनऊ
अयोध्या मे जिला कारागार में तैनात महिला जेल वार्डर शांति यादव की आत्महत्या के मामले में करीब 17 महीने बाद अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मृतका के पिता ने जेल में तैनात रहे सहकर्मी अतुल कुमार यादव पर शादी का झांसा देकर लाखों रुपये लेने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जौनपुर निवासी मृतका के पिता के अनुसार, उनकी बेटी शांति यादव अयोध्या मंडल कारागार में महिला वार्डर के पद पर तैनात थी। आरोप है कि 17 मई 2025 को उसने कारागार परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
पिता का आरोप है कि जेल में विशेष ड्यूटी के दौरान शांति का संपर्क सहकर्मी अतुल कुमार यादव से हुआ था। आरोपित ने शादी का भरोसा देकर उससे नजदीकियां बढ़ाईं और कथित तौर पर यूपीआई तथा नकद माध्यम से कई किस्तों में रकम ली। जब शांति ने शादी के लिए दबाव बनाया तो वह कथित तौर पर अपने वादे से मुकर गया और उसे मानसिक रूप से परेशान करने लगा।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
मृतका के पिता का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने जेल प्रशासन के उच्चाधिकारियों और स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी देने के साथ ही लेन-देन से जुड़े साक्ष्य भी उपलब्ध कराए। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने छह जून 2025 को लिखित शिकायत दी। 16 जून को शासन के आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
सीडीआर और डिजिटल साक्ष्यों की होगी जांच
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी अतुल कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। नगर कोतवाली प्रभारी मनोज शर्मा के मुताबिक, मामले में वित्तीय लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




