फन रिपब्लिक मॉल में विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया प्रतिमा का अनावरण
600 किलो वजनी भव्य स्वरूप ने खींचा ध्यान 30 दिन में 20 से 25 कारीगरों ने तैयार की प्रतिमा, एशिया की सबसे बड़ी होने का दावा
उत्तर प्रदेश/ etv News 24/ ब्यूरो एजेंसी लखनऊ
राजधानी के फन रिपब्लिक मॉल परिसर में मंगलवार को भक्ति और शिल्पकला का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां भगवान श्री हनुमान की 24 फीट ऊंची और करीब 600 किलोग्राम वजनी भव्य प्रतिमा का अनावरण विधायक डॉ. नीरज बोरा ने किया। 50 हजार से अधिक पत्थरों से तैयार इस प्रतिमा पर अंकित ‘राम-राम’ नाम इसकी आध्यात्मिक विशेषता को और भी खास बनाता है। प्रतिमा के भव्य स्वरूप को देखने के लिए लोगों में खासा आकर्षण है।
राम नाम से सजी प्रतिमा, भक्ति का अनूठा स्वरूप
प्रतिमा की सबसे बड़ी विशेषता इसमें इस्तेमाल किए गए 50 हजार से अधिक पत्थर और उन पर अंकित ‘राम-राम’ नाम है। भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान जी को समर्पित इस कलाकृति में राम नाम की महिमा और सनातन आस्था को विशेष रूप से दर्शाया गया है। विशाल आकार और बारीक नक्काशी के कारण यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के साथ ही कला प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
30 दिन में तैयार हुई भव्य प्रतिमा
प्रतिमा को तैयार करने में करीब 30 दिन लगे। निर्माण के लिए देश के विभिन्न राज्यों से विशेष पत्थर मंगाए गए। पत्थरों को काटने, आकार देने और उन पर बारीक नक्काशी करने में लगभग 10 दिन का समय लगा। इसके बाद 20 से 25 कुशल कारीगरों ने मिलकर प्रतिमा को अंतिम स्वरूप दिया। पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक तकनीकी सहयोग से तैयार इस प्रतिमा को परिसर में स्थापित किया गया है।
एशिया की सबसे बड़ी प्रतिमा होने का दावा
मॉल प्रबंधन के अनुसार, यह किसी संस्थान या परिसर में स्थापित एशिया की सबसे बड़ी हनुमान प्रतिमा है। प्रबंधन ने दावा किया कि एशियाई मॉल परिसर में इतनी विशाल प्रतिमा स्थापित किए जाने का यह विशिष्ट उदाहरण है। प्रतिमा को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किए जाने की भी जानकारी दी गई है।
आस्था और संस्कृति से जोड़ने की पहल फन रिपब्लिक मॉल प्रबंधन ने इस प्रतिमा की स्थापना को सौभाग्य और गर्व का अवसर बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल परिसर की सुंदरता बढ़ाना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को भी लोगों के सामने प्रस्तुत करना है। मॉल आने वाले लोगों को मनोरंजन और खरीदारी के साथ भारतीय धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। राजधानी में स्थापित यह प्रतिमा आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं और लखनऊवासियों के लिए एक नया आकर्षण बन सकती है।




