200 से अधिक यात्रियों के सवार होने की सूचना, चालक को झपकी आने से हादसे की आशंका
बिहार से लखनऊ जा रहे थे भट्ठा मजदूर
घायलों को कुमारगंज के सौ शैय्या अस्पताल में कराया गया भर्ती ओवरलोडिंग पर निगरानी को लेकर उठे सवाल
यूपीडा और परिवहन विभाग की जवाबदेही पर नजर धर्मेन्द्र सिंह
उत्तर प्रदेश/ etv news 24 / ब्यूरो एजेंसी लखनऊ
उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ के जनपद सुल्तानपुर के बल्दीराय पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। हलियापुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के पास माइलस्टोन 86 पर 200 से अधिक यात्रियों से भरी डबलडेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में करीब 25 यात्रियों के घायल होने की सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चालक को झपकी आने से बस पर नियंत्रण खोने की आशंका जताई जा रही है। दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची राहत एवं बचाव टीम ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
बिहार से लखनऊ जा रहे थे भट्ठा मजदूर
बताया जा रहा है कि बस में सवार यात्री बिहार से लखनऊ जा रहे थे। इनमें बड़ी संख्या में ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर शामिल थे। बस में 200 से अधिक यात्रियों के सवार होने की सूचना ने वाहन की निर्धारित क्षमता और यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, यात्रियों की वास्तविक संख्या और बस की निर्धारित क्षमता की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। यदि वाहन में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे, तो यह जांच का विषय है कि रास्ते में यातायात नियमों के अनुपालन की निगरानी क्यों नहीं हो सकी।
ओवरलोडिंग और चालक की थकान पर कार्रवाई जरूरी
हादसे में घायल यात्रियों को एंबुलेंस की मदद से अयोध्या जिले के कुमारगंज स्थित सौ शैय्या अस्पताल, पिठला में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। दुर्घटना के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले यूपीडा तथा परिवहन विभाग की जिम्मेदारी भी चर्चा में है।
ओवरलोडिंग पर नियंत्रण, चालकों की थकान और ड्यूटी अवधि की निगरानी तथा यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना सड़क सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। फिलहाल चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग दुर्घटना की जांच के साथ-साथ ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की भी पड़ताल करते हैं या नहीं। यात्रियों की जान से जुड़े ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करना और प्रभावी रोकथाम के उपाय करना जरूरी है।




