महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर घेरा
मतदाता सूची की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
अरशद खान बोले—जनता के विश्वास पर खरी नहीं उतरी डबल इंजन सरकार, 2027 में लेगी हिसाब
लखनऊ/जौनपुर। उत्तर प्रदेश/Etv News 24/ ब्यूरो एजेंसी
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं जौनपुर सदर के पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान ने भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए डबल इंजन सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े सवालों ने जनता में नाराजगी बढ़ाई है। उनके मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव में जनता सरकार के दावों और जमीनी हकीकत का हिसाब लेगी।
अरशद खान ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और सुशासन के दावे करती है, लेकिन आम आदमी की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से नहीं हो पा रहा है। महंगाई से घरेलू बजट प्रभावित है और गरीब, मजदूर, किसान, नौजवान, छोटे व्यापारी तथा मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की सफलता केवल घोषणाओं और प्रचार से नहीं, बल्कि जनता को मिलने वाली राहत, रोजगार के अवसरों और सरकारी सुविधाओं की पारदर्शिता से तय होती है।
मताधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उठाए सवाल
सपा नेता ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट के अधिकार से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग और सरकार से वास्तविक मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने तथा शिकायतों का निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना जरूरी है।
अरशद खान ने सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की शिकायतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम नागरिकों को अपने जायज कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अरुणाचल प्रदेश के सामरिक मुद्दों और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी केंद्र सरकार से तथ्यों के आधार पर जवाब देने की मांग की। उनका कहना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किए बिना जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।
पीडीए और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर सपा की रणनीति
मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में महंगाई, रोजगार, किसानों को उपज का उचित मूल्य, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे अहम रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों सहित वंचित समाज के अधिकारों और भागीदारी की लड़ाई को मजबूत किया जा रहा है।
सपा नेता ने कहा कि प्रदेश की जनता को ऐसी सरकार चाहिए जो केवल घोषणाएं न करे, बल्कि लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित करे।
उन्होंने भाजपा सरकार पर अपने दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी चुनाव में जनता अपने मताधिकार के जरिए सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनाने और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की अपील भी की।
अरशद खान ने कहा कि समाजवादी पार्टी रोजगार, किसान-मजदूरों के हित, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखेगी। उनके इस बयान से साफ है कि 2027 के चुनाव से पहले महंगाई, बेरोजगारी, मतदाता अधिकार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।




