मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले—प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा एयरपोर्ट
प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताया, जेवर को देश का बड़ा एविएशन हब बनाने की उम्मीद
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कई अहम फैसलों की जानकारी दी। बैठक का प्रमुख निर्णय नोएडा के जेवर स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी देना रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी सौगात है और आने वाले समय में प्रदेश की कनेक्टिविटी तथा आर्थिक विकास को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद जेवर में ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करती है। कैबिनेट ने एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने जेवर एयरपोर्ट को प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने के साथ देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल होगा। एयरपोर्ट के विकसित होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवागमन, कारोबार तथा निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जेवर एयरपोर्ट को प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बेहतर हवाई संपर्क से उद्योगों, व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों को गति मिल सकती है।
कैबिनेट के फैसलों पर मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सरकार के निर्णयों की जानकारी साझा की। जेवर एयरपोर्ट के नामकरण का फैसला बैठक के प्रमुख निर्णयों में शामिल रहा। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास से उत्तर प्रदेश की राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान मजबूत होगी।
एयरपोर्ट के नामकरण से संबंधित प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली है। नाम परिवर्तन की अंतिम औपचारिक प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर पूरी होनी है। ऐसे में प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।




