पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर से शुरू होगी खरीद, पूर्वांचल में एक नवंबर से खुलेंगे क्रय केंद्र
आठ एजेंसियों को सौंपी गई जिम्मेदारी, किसानों को पीएफएमएस पोर्टल पर कराना होगा पंजीकरण
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
राजधानी लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान धान खरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने इस बार 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश भर में 4500 क्रय केंद्र संचालित किए जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2026 से धान खरीद शुरू होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक नवंबर से क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद 15 अक्टूबर 2026 से 15 फरवरी 2027 तक चलेगी। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक धान की खरीद की जाएगी। सरकार का लक्ष्य किसानों से अधिक से अधिक धान की खरीद सुनिश्चित करना और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।
पिछली बार देश में सबसे अधिक धान खरीदने का दावा
खाद्य एवं रसद मंत्री ने बताया कि पिछले खरीद सत्र में उत्तर प्रदेश में 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी, जो देश में सर्वाधिक थी। इस उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने चालू खरीद सत्र के लिए 65 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है और 4500 क्रय केंद्रों के जरिए खरीद व्यवस्था संचालित की जाएगी।
पंजीकरण के बाद ही खरीद प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे किसान
धान बेचने के इच्छुक किसानों के लिए पीएफएमएस पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। किसान पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। खरीद प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने और किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ने के लिए पंजीकरण महत्वपूर्ण होगा। सरकार की ओर से निर्धारित तिथियों के अनुसार क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू की जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान बेचने से पहले पंजीकरण और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि खरीद के समय किसी तरह की परेशानी न हो।




