सासाराम रोहतास /Etv News 24
चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर बुधवार को सासाराम में इंडिया गठबंधन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकाला। मार्च में कांग्रेस, राजद, वीआईपी, सीपीआई, सीपीआई(एम) और माले के नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए तथा मतदाता अधिकारों और पारदर्शिता की मांग की। मार्च के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के पुतलों का दहन किया गया।कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयप्रकाश पांडेय ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर विपक्ष द्वारा जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।वीआईपी जिलाध्यक्ष विवेक सिंह कुशवाहा ने कहा कि विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के वोट से जुड़ा कोई भी सवाल लोकतंत्र से जुड़ा सवाल है। चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर यदि कोई शिकायत या आशंका सामने आती है तो उसकी पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए और तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।राजद जिलाध्यक्ष रामचंद्र ठाकुर ने कहा कि मतदाता के अधिकारों से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।सीपीआई(एम) नेता अनिल यादव ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग की।सीपीआई नेता यदुनाथ सिंह ने कहा कि ‘वोट चोरी’ का आरोप विपक्ष की ओर से लगाया जा रहा है और इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित संस्थाओं को तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता के अधिकारों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल जिम्मेदारी है।माले नेता राजेश कुमार ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता के अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर किसी भी शंका को दूर किया जाना आवश्यक है।आक्रोश मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। कार्यक्रम के अंत में नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के पुतलों का दहन किया गया। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर स्पष्ट जवाब की मांग दोहराई।




