चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी’, कांग्रेस ने उठाए मतदाता सूची पर सवाल
इंडिया गठबंधन के नेताओं से पुलिसिया बदसलूकी का आरोप, कांग्रेस ने जताया विरोध
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
सुलतानपुर जनपद मे मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों, कथित वोट चोरी और इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की कथित बदसलूकी के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदर्शन कर काला दिवस मनाया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में जिला कांग्रेस कार्यालय से जुलूस निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा की मांग उठाई।
जुलूस लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट, डाकखाना चौराहा, गंदानाला, जिला चिकित्सालय, बस स्टैंड, विकास भवन और तिकोनिया पार्क होते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचा। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश प्रवक्ता डॉ. उमाशंकर पांडेय ने किया।
डॉ. उमाशंकर पांडेय ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। मतदाता सूची और मताधिकार को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार और चुनाव आयोग को उनका संवैधानिक व लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना चाहिए। विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय उसके सवालों का समाधान किया जाना चाहिए।
जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस का कथित बर्बर रवैया लोकतंत्र और संविधान के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह संघर्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित होने तक जारी रहेगा।
प्रदेश महासचिव सूचना का अधिकार विभाग मनोज कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से पारदर्शिता और सूचना के अधिकार के तहत सवाल पूछे जाने पर भी अपेक्षित जवाब नहीं मिल रहा है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी जैसे आरोपों पर स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि काला दिवस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट राजेश तिवारी ने भी चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाबदेही की मांग की।
प्रदर्शन में फिरोज अहमद, सियाराम तिवारी, निकलेश सरोज, राहुल त्रिपाठी, सलाउद्दीन हाशमी, रणजीत सिंह सलूजा, इश्तियाक अहमद, हामिद राईन, संतोष वर्मा, वरुण मिश्र, मोहित तिवारी, शहबाज खान, विवेक सिंह, सुव्रत सिंह, आवेश अहमद, राहुल मिश्रा, शारिक अल्वी, विजयपाल गौतम, मानस तिवारी, अनवर अंसारी, ओम प्रकाश त्रिपाठी, नंदलाल मौर्य, प्रदीप सिंह, विवेक श्रीवास्तव, विनोद पांडेय, जनेश्वर उपाध्याय, सुरेश चंद्र मिश्रा, अखंड मिश्रा, आरबी पांडेय, उस्मान खान, धर्मराज मिश्र, ममनून आलम, मोहसिन सलीम, पवन मिश्रा, राम किशोर, अवधेश गौतम, जयराज गौतम, नरोत्तम वर्मा, नफीस पठान, दरोगा सिंह, इमरान अहमद, राम प्रकाश मिश्रा, दीपक सोनी, सूरज कुमार, देवेंद्र तिवारी, अतीक अहमद, नजीरुद्दीन, अबरार अहमद समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।




