नए फार्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, कहा- पहले सभी पक्षों का जवाब आने दीजिए
प्रमोद तिवारी बोले- चुनाव आयोग के खिलाफ सुनवाई शुरू होना बड़ी बात, ‘अभी तो शुरुआत है’
नई दिल्ली/Etv News 24/संवाददाता वागीश
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार समेत सात पक्षों को नोटिस जारी किया। मामले से संबंधित दो याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई की गई। दोनों चुनाव आयुक्तों से भी जवाब मांगा गया है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने नए फार्म-6 को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि “नया फार्म-6 हमने अप्रूव नहीं किया है।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह पहले सभी संबंधित पक्षों को सुनना चाहता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि पहले पक्षों के जवाब आने दीजिए, इसके बाद मामले पर निर्णय लिया जाएगा। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि कोई निर्णय गलत पाया जाता है तो उसे रद्द किया जा सकता है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले में कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है। अब चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और अन्य पक्षों के जवाब पर आगे की सुनवाई की दिशा तय होगी।
राजनीतिक रूप से अहम क्यों
मामले की सुनवाई ऐसे समय हुई है जब चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और फार्म-6 को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है। कांग्रेस इसे चुनावी पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जोड़कर उठा रही है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने को विपक्ष राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देख रहा है।
राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के विरुद्ध दायर याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करते हुए नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा, “अभी तो ये शुरुआत है।”
सुप्रीम कोर्ट के इस कदम से अब निगाहें चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के जवाब पर टिक गई हैं। जवाब आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि नए फार्म-6 और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवाद पर शीर्ष अदालत आगे किस दिशा में बढ़ती है।




