बाल-केंद्रित और गतिविधि आधारित शिक्षण की तकनीक सीखकर लौटे शिक्षक विद्यालयों में प्रशिक्षण से मिली विधियों के प्रयोग पर दिया जोर
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
उत्तर प्रदेश के जनपद सुलतानपुर लम्भुआ ब्लॉक संसाधन केंद्र के प्रांगण में निपुण भारत मिशन के तहत मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) मिशन के अंतर्गत आयोजित पांच दिवसीय गैर-आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। अगस्त माह से शुरू हुआ प्रशिक्षण विभिन्न चरणों में एक माह से अधिक समय तक संचालित किया गया। समापन समारोह में शिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी नई शिक्षण विधियों को विद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ।

मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी शिवशंकर मिश्र और विशिष्ट अतिथि ब्लॉक अध्यक्ष रणवीर सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण पूरा होने पर शिक्षकों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी शिवशंकर मिश्र ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसी नवीन शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना है, जिससे कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, प्रभावी, गतिविधि आधारित और बाल-केंद्रित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब शिक्षक इसे विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करें। शिक्षण-अधिगम सामग्री और गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में बुनियादी साक्षरता तथा संख्या ज्ञान को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ब्लॉक अध्यक्ष रणवीर सिंह ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बदलती शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप शिक्षकों का समय-समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। इससे उनकी कार्यक्षमता और शिक्षण दक्षता में वृद्धि होती है। उन्होंने शिक्षकों को संगठन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक स्वस्थ एवं शिक्षित समाज की रीढ़ हैं। नई शिक्षण विधियों और तकनीकों से स्वयं को अपडेट रखना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त अनुभवों को कक्षा-कक्ष में लागू करने से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को गति मिलेगी।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान, बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धति, गतिविधि आधारित शिक्षण, शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी प्रयोग सहित विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में शिक्षकों को बच्चों की सीखने की क्षमता और रुचि के अनुरूप शिक्षण गतिविधियां संचालित करने की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर लंभुआ के एआरपी जितेंद्र तिवारी, राम प्रवेश सिंह, राम सुंदर, लालता प्रसाद, राम मिलन, अनीता मिश्र, सुप्रिया सिंह, पूर्णिमा सिंह, ज्योति, गीता, सुशांत मिश्र, ज्ञानेंद्र सिंह, अंकित यादव, प्रशांत सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया गया।




