जनपद न्यायाधीश ने किया शिविर का शुभारंभ
12 दिसंबर को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत; नुक्कड़ नाटक से दिया सुलह-समझौते का संदेश
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
जनपद सुल्तानपुर मे आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में वृहद विधिक सेवा मेगा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब दो दर्जन विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान सैकड़ों लाभार्थियों ने योजनाओं की जानकारी लेने के साथ पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं का लाभ उठाया। शिविर का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं और विधिक सेवाओं से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार चतुर्थ ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विभिन्न अधिकारियों और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को पौधे भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन
प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी ने किया।
सचिव मुक्ता त्यागी ने कहा कि रविवार को शिविर आयोजित करने का उद्देश्य यह था कि अवकाश के दिन अधिक से अधिक लोग और विभागों के अधिकारी इसमें शामिल हो सकें। एक ही छत के नीचे सभी विभागों को लाने का मकसद लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाना है। यहां योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण और चिन्हांकन भी किया गया।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुरूप भविष्य में भी ऐसे जागरूकता और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि आगामी 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन प्रस्तावित है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिक से अधिक मामलों के आपसी सहमति से निस्तारण के लिए शिविरों और
प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
शिविर में जनपद न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, एएसपी अमेठी, एसपी सुल्तानपुर, सीडीओ, डीडीओ, डीपीआरओ, एसडीएम कादीपुर शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सीएमओ, बार अध्यक्ष, एडीजे प्रथम, एडीजे द्वितीय एवं मेगा कैंप के नोडल अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नुक्कड़ नाटक से समझाया सुलह-समझौते का महत्व
मेगा शिविर के दौरान सभागार के मंच पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मध्यस्थता और आपसी सुलह-समझौते का संदेश दिया गया। कलाकारों ने बताया कि जमीन, खेत और संपत्ति से जुड़े विवादों में वर्षों तक
मुकदमेबाजी करने से लोगों का समय, पैसा और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में न्यायालय के माध्यम से मध्यस्थता और आपसी सहमति से विवादों का समाधान संभव है। समझौते से निस्तारित मामले में न किसी की जीत होती है और न किसी की हार, बल्कि दोनों पक्षों को विवाद से मुक्ति मिलती है।
जनपद न्यायाधीश ने लाभार्थियों को स्वच्छता का दिया संदेश
सभागार परिसर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार चतुर्थ ने निरीक्षण किया। इस दौरान वह प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी महिलाओं से भी रूबरू हुए। प्रमाणपत्र लेकर खड़ी महिलाओं से उन्होंने कहा कि आवास मिलने के बाद उसकी साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
घर स्वच्छ रहेगा तो परिवार भी स्वस्थ रहेगा
जनपद न्यायाधीश की इस सीख पर महिलाओं के चेहरे खिल उठे। उन्होंने जागरूकता शिविर के आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार जताया।




