काशी प्रांत कार्यसमिति में अकेले नाम की घोषणा से सुल्तानपुर की सियासत में हलचल
प्रदेश नेतृत्व के फैसले पर उठे सवाल, हाईकमान तक पहुंचा मामला
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
भाजपा की संगठनात्मक राजनीति में जिले के वरिष्ठ नेता शिवाकांत मिश्रा को लेकर इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। काशी प्रांत की कार्यसमिति में सदस्य के नामों की घोषणा के दौरान उनका नाम शामिल नहीं किए जाने से जिले के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानीय नेताओं के दबाव के चलते प्रदेश नेतृत्व ने उनके नाम को सूची में जगह नहीं दी थी। इसके बाद यह मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व यानी हाईकमान तक पहुंचा।
सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद प्रदेश नेतृत्व को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा। इसके बाद शिवाकांत मिश्रा के नाम की अलग से घोषणा करते हुए उन्हें काशी प्रांत कार्यसमिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया। एकमात्र नाम की घोषणा ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है।
संगठन में पकड़ और हाईकमान के भरोसे की चर्चा
शिवाकांत मिश्रा को कार्यसमिति में जगह मिलने के बाद जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को प्रदेश संगठन के भीतर चली खींचतान और शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि स्थानीय स्तर पर विरोध के बावजूद हाईकमान ने शिवाकांत मिश्रा को संगठन में जिम्मेदारी दिलाकर अपनी पसंद और भरोसे का संदेश दिया है।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण को लेकर पार्टी की ओर से किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन अलग से नाम घोषित होने के घटनाक्रम ने जिले की भाजपा राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
शिवाकांत मिश्रा को भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की कार्यसमिति में काशी प्रांत का सदस्य नियुक्त किए जाने पर पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की है।




