एसआईआर पर चुनाव आयोग को घेरा, गांधी प्रतिमा से डीएम कार्यालय तक निकाला मार्च
मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग, सपा नेताओं ने कहा- मतदान के अधिकार से न हो खिलवाड़
अयोध्या उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में समाजवादी पार्टी ने सोमवार को अयोध्या में प्रदर्शन किया। सपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष जयसिंह यादव, सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व मंत्री आनंदसेन यादव, रूश्दी मियां, समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटनराम निषाद और हाजी फिरोज खां गब्बर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद सपा नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। इसमें नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच और निर्धारित प्रक्रिया के प्रभावित नहीं होना चाहिए।
एसआईआर को बनाया चुनावी मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान सपा ने एसआईआर को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। जिलाध्यक्ष जयसिंह यादव ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं और राजनीतिक दलों का विश्वास बनाए रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर पार्टी अपनी आपत्ति दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं हुई तो इसका सीधा असर मतदाताओं के अधिकार पर पड़ सकता है।
लौटनराम निषाद ने साधा निशाना
सपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटनराम निषाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह का बदलाव नागरिकों के मतदान के अधिकार से जुड़ा विषय है। इसलिए पूरी प्रक्रिया जवाबदेह और पारदर्शी होनी चाहिए।
उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। निषाद ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था को लेकर विपक्ष और मतदाताओं के बीच जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ समेत कई नारे लगाए। प्रदर्शन में विजय बहादुर वर्मा, जगन्नाथ पाल, कपिंजल कुमार निषाद, रामकरन यादव, सरोज यादव, शोएब खां, शुभम वर्मा, विद्याभूषण पासी, चंद्रभान वर्मा, राम अचल यादव, संदीप यादव, मायाराम यादव, विनोद लोधी, रामसागर वर्मा, शिवपाल पाल, सुरजीत यादव और अंकेश निषाद समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।




