एलडीए अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया ज्ञापन, चौड़ीकरण की जद में आने वाले व्यापारी, किसान और भवन स्वामी रहे मौजूद
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News/संवाददाता वागीश
महायोजना-2031 के तहत कुर्सी रोड के प्रस्तावित चौड़ीकरण में विसंगतियों को दूर करने और योजना में संशोधन की मांग को लेकर सोमवार को कुर्सी रोड स्थित आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा के मुख्यालय, एमडीएस टावर में बैठक हुई। बैठक में चौड़ीकरण की जद में आने वाले भवन स्वामियों, किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों, स्कूल व प्रतिष्ठान संचालकों तथा धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने महासभा की ओर से दिया गया ज्ञापन प्राप्त किया। इसके बाद अधिकारियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से एलडीए उपाध्यक्ष से प्रतिनिधियों की वार्ता कराई। वार्ता के बाद उपाध्यक्ष ने सात अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया है।
बैठक में आर्यावर्त आर्य त्रिदंडी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने कहा कि कुर्सी रोड के चौड़ीकरण को लेकर लखनऊ महायोजना-2031 में प्रस्तावित प्रावधानों में संशोधन की मांग पहले भी उठाई जा चुकी है। इस संबंध में प्राधिकरण के साथ कई दौर की बैठक और पत्राचार भी किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रभावित लोगों की आपत्तियों और व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए योजना में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए।
भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने कहा कि किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों के हितों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर अपनी बात रखनी होगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन प्रभावित लोगों के हितों और उनकी आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनी कुमार पांडेय ने कहा कि कुर्सी रोड के चौड़ीकरण से बड़ी संख्या में परिवार, व्यापारी और प्रतिष्ठान प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में योजना को अंतिम रूप देने से पहले प्रभावित लोगों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से योजना में आवश्यक संशोधन कराया जा सकता है और लोगों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
बैठक में होटल व्यवसाय से जुड़ी आराधना समेत व्यापारी, किसान, विभिन्न स्कूलों व प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, धार्मिक स्थलों से जुड़े लोग और चौड़ीकरण की जद में आने वाले भवन स्वामी मौजूद रहे।




