मरीजों का आरोप- अस्पताल में सुविधा होने के बावजूद निजी केंद्रों का दिखाया जा रहा रास्ता
दलालों की सक्रियता से तीमारदार परेशान, जांच की मांग
अयोध्या उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
कुमारगंज स्थित 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों और तीमारदारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को कथित रूप से बाहर की पैथोलॉजी से जांच कराने और निजी मेडिकल स्टोरों से दवाएं खरीदने के लिए भेजा जा रहा है। अस्पताल परिसर और ओपीडी के आसपास निजी पैथोलॉजी सेंटरों व मेडिकल स्टोरों से जुड़े लोगों की सक्रियता का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में निशुल्क जांच और दवाओं की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें कई बार बाहर से जांच और दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। तीमारदारों के मुताबिक, पर्ची बनने के बाद कुछ लोग मरीजों से संपर्क कर उन्हें निजी जांच केंद्रों तक ले जाने का प्रयास करते हैं।
एक तीमारदार ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की उम्मीद से पहुंचे थे, लेकिन बाहर से जांच और दवाएं खरीदने के कारण काफी रकम खर्च करनी पड़ी। मरीजों ने पूरे मामले की जांच कराकर अस्पताल में उपलब्ध निशुल्क जांच और दवाओं की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग की है।
जांच की मांग, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
मरीजों के आरोपों के बाद अस्पताल परिसर में निजी पैथोलॉजी और मेडिकल स्टोरों से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच की मांग उठी है। लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में किसी स्तर पर बाहर की जांच या दवाएं लिखने का मामला सामने आता है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही अस्पताल परिसर में दलालों की कथित सक्रियता पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन का पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है। अब देखना है कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन शिकायतों का संज्ञान लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच कराता है या नहीं।




