मीडिया के सवालों पर राम भुआल निषाद ने पत्रकारों को बताया भाजपा का भेजा हुआ, निष्पक्ष पत्रकारिता को लेकर उठे सवाल
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
सुलतानपुर जनपद मे समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में विकास कार्यों को लेकर मीडिया के सवालों पर सुलतानपुर के सांसद राम भुआल निषाद के तेवर तल्ख हो गए। पत्रकारों के सवालों पर सांसद ने सवाल पूछने वाले पत्रकारों को भाजपा का भेजा हुआ बताते हुए पलटवार किया। उनके इस बयान के बाद जिले की सियासत के साथ ही पत्रकारिता जगत में भी चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय पत्रकारों ने सांसद से उनके कार्यकाल के दौरान सुलतानपुर में कराए गए विकास कार्यों और क्षेत्र की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल किए थे। इस पर सांसद ने कहा कि कुछ पत्रकार उन नेताओं से सवाल नहीं करते, जिनके दर्शन के लिए जनता पांच साल तक तरसती रही, लेकिन आज उनसे सवाल किए जा रहे हैं।
सांसद के इस बयान को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सवाल विकास का था, निशाने पर आ गई पत्रकारिता
सांसद के बयान के बाद स्थानीय पत्रकारों और बुद्धिजीवियों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि से उसके कामकाज, विकास योजनाओं और जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछना पत्रकारिता की सामान्य प्रक्रिया है।
सवाल पूछने वाले पत्रकारों की राजनीतिक निष्ठा पर टिप्पणी करने के बजाय सांसद को अपने कार्यों का तथ्यात्मक ब्योरा जनता के सामने रखना उचित नहीं समझा
वहीं, सांसद के समर्थक उनके बयान को राजनीतिक संदर्भ में देख रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कुछ पत्रकार किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहे हैं तो उनके सवालों की निष्पक्षता पर सवाल उठाना सांसद का अधिकार है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में जनप्रतिनिधि और मीडिया के बीच संवाद को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
2024 के जनादेश से 2027 की सियासत तक बढ़ी चर्चा
सांसद के बयान को लेकर अब चर्चा केवल पत्रकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आगामी विधानसभा चुनाव की सियासी पृष्ठभूमि से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्षी खेमे के सांसद होने के कारण उनके हर बयान का स्थानीय राजनीतिक असर भी देखा जा रहा है। सपा समर्थक इसे सांसद के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि आलोचक विकास कार्यों का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल भी उठ रहा है कि सांसद ने अपने कार्यकाल में सुलतानपुर के लिए किन प्रमुख योजनाओं को आगे बढ़ाया, कितने विकास कार्यों की पहल की और उनका क्षेत्र की जनता को क्या लाभ मिला। हालांकि इन सवालों का जवाब सांसद और उनकी ओर से जारी होने वाले आधिकारिक कार्य-विवरण से ही स्पष्ट होगा।
सांसद के बयान के बाद अब राजनीतिक निगाहें इस बात पर हैं कि सपा नेतृत्व और सांसद इस विवाद पर आगे क्या रुख अपनाते हैं। साथ ही, स्थानीय पत्रकार संगठनों की प्रतिक्रिया और सांसद की ओर से अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड सामने रखने की संभावित पहल पर भी नजर रहेगी।




