लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
केंद्रीय ओषधि अनुसंधान संस्थान लखनऊ में 15 सितंबर को कैम्पस में बिना सेफ्टी गेयर के सीवर सफाई करते हुए जहरीली गैस की चपेट में आने से मूर्क्षित हो गए, उसे बचाने के लिए साथी सफाई कर्मचारी लाखन भी मूर्क्षित हो गया, लाखन तो प्राथमिक उपचार के बाद बच गया लेकिन अशोक की केजीएमसी के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। पोस्ट मार्टम के बाद आज अशोक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में जलालपुर में कर दिया।
कल से ही चंदन लाल वाल्मीकि, उमेश पिंपरे, जलपेश वाघेला, राजू प्रधान, अनूप वाल्मीकि, राजेंद्र हजारे, दिलीप गोइंकर, राजकुमार खरे पीड़ित परिवार की मदद की लिय लगे रहे।
चन्दन लाल वाल्मीकि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष वंचित शोषित सामाजिक संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ महादलित परिसंघ के प्रयास केंद्रीय ओषधि अनुसंधान संस्थान की निदेशक से मृतक परिवार को एम एस एक्ट 2013 के और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर 30 लाख रूपये देने की कार्यवाही पूरी करा ली।
आज मृतक का परिवार अंतिम संस्कार में व्यस्त होने से 30 लाख रूपये नहीं ले सका, कल मृतक की पत्नी राधा वाल्मीकि को 30 लाख रूपये आर्थिक सहायता के रूप में दिए जाएंगे।
उधर अंतिम संस्कार में चंदन लाल वाल्मीकि के अलावा भारी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग और केंद्रीय ओषधि अनुसंधान संस्थान में सफाई के नोडल अधिकारी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी स्टाफ सहित रहा।




