विजिलेंस ने कहा- प्रकरण में अभियोग पंजीकृत, जनपदीय पुलिस कर रही विवेचना; FIR नंबर और धाराओं की जानकारी नहीं दी
अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी व विजिलेंस निदेशक से मांगी पूरी जानकारी, स्टिंग के सभी साक्ष्यों को जांच में शामिल करने की मांग
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
विधायक निधि के विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कथित कमीशन मांगने के आरोपों से जुड़े स्टिंग प्रकरण में विजिलेंस की रिपोर्ट के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर उत्तर प्रदेश विजिलेंस अधिष्ठान ने 29 सितंबर 2026 को रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि प्रकरण में अभियोग पंजीकृत है और जनपदीय पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में उसकी विवेचना कर रही है।
स्टिंग में महराजगंज सदर से भाजपा विधायक जय मंगल कन्नौजिया और आजमगढ़ की मेंहनगर विधानसभा सीट से सपा विधायक पूजा सरोज पर विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कथित तौर पर 35 प्रतिशत तक कमीशन मांगने के आरोप सामने आए थे। हालांकि, विजिलेंस की रिपोर्ट में दर्ज अभियोग का केस क्राइम नंबर, थाना, धाराएं, नामजद अभियुक्त और विवेचक का विवरण नहीं दिया गया है।
विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट में अलग से सतर्कता जांच का औचित्य नहीं माना है। रिपोर्ट के मुताबिक मामले से संबंधित उपलब्ध साक्ष्यों को उसी अभियोग की विवेचना में शामिल किया जाना है। इसके बाद अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी उत्तर प्रदेश और विजिलेंस निदेशक को पत्र भेजकर दर्ज अभियोग की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
ठाकुर ने FIR/केस क्राइम नंबर, संबंधित थाना, धाराएं, अभियुक्तों और विवेचक का विवरण तत्काल स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही स्टिंग की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग, बातचीत, कथित नकद लेन-देन और विधायक निधि से संबंधित अनुशंसा-पत्रों समेत सभी उपलब्ध साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और प्रभावी जांच सुनिश्चित होनी चाहिए।
उपलब्ध विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अभियोग में किन व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है और किन धाराओं में कार्रवाई दर्ज हुई है। संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगी।




