डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों और पुलिस कमिश्नरेट से मांगा ब्योरा
सिपाही से एएसपी तक करीब दो हजार कर्मियों पर नजर
20 से अधिक आईपीएस अधिकारियों की भी तबादला सूची में शामिल होने की संभावना
उत्तर प्रदेश /etv news24 ब्यूरो / एजेंसी लखनऊ
राजधानी लखनऊ उत्तर प्रदेश में पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल की तैयारी तेज हो गई है। डीजीपी मुख्यालय ने प्रदेश के सभी जिलों और पुलिस कमिश्नरेट से पुलिसकर्मियों की तैनाती से संबंधित विस्तृत ब्योरा मांगा है। इसके तहत एक ही जिले में तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात पुलिसकर्मियों को हटाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित तबादलों के दायरे में सिपाही से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) स्तर तक के करीब दो हजार पुलिसकर्मी आ सकते हैं। इसके अलावा 20 से अधिक आईपीएस अधिकारियों के भी स्थानांतरण की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस महकमे में प्रस्तावित इस फेरबदल का उद्देश्य लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मियों की तैनाती की समीक्षा करना और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाना बताया जा रहा है। जिलों से मांगी गई जानकारी के आधार पर तबादलों की सूची तैयार किए जाने की संभावना है। इसके लिए स्क्रीनिंग कमेटी गठित करने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, तबादलों की अंतिम सूची और आदेश जारी होने के संबंध में अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
गृह जिले में तैनात पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की तैयारी
प्रस्तावित तबादला प्रक्रिया में उन पुलिसकर्मियों को भी शामिल किए जाने की संभावना है, जो अपने गृह जिले में तैनात हैं। इसके साथ ही जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विशिष्ट शिकायतें मिली हैं, उनकी तैनाती की भी समीक्षा की जा सकती है। संबंधित अधिकारियों से शिकायतों और तैनाती की स्थिति का ब्योरा जुटाकर आवश्यक निर्णय लिए जाने की तैयारी है।
पक्षपात के आरोपों वाले कर्मियों की भी होगी समीक्षा
पुलिसकर्मियों की तैनाती की समीक्षा में राजनीतिक दलों के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोपों को भी ध्यान में रखे जाने की बात सामने आई है। ऐसे मामलों में शिकायतों की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर संबंधित कर्मियों को मौजूदा तैनाती से हटाने पर विचार किया जा सकता है। यदि प्रस्तावित प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो प्रदेश के कई जिलों में पुलिसकर्मियों की तैनाती में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल सभी जिलों और पुलिस कमिश्नरेट से ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया को इस दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।




