20 से अधिक खाताधारकों ने की शिकायत, ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारी निलंबित
ऐच्छर शाखा में कथित गड़बड़ी से मचा हड़कंप, पुलिस और एंटी करप्शन टीम जांच में जुटी
उत्तर प्रदेश / etv news 24/ ब्यूरो ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ऐच्छर शाखा में ग्राहकों की जमा पूंजी में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने से बैंकिंग व्यवस्था में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने खाताधारकों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी सावधि जमा (FD) समय से पहले तोड़ दी और रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित कर दी। मामले में 20 से अधिक खाताधारकों की शिकायतें सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने सख्त कदम उठाते हुए शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही शाखा के पूरे स्टाफ को बदल दिया गया है।
खातों से रकम गायब मिलने पर खुला मामला
प्रारंभिक शिकायतों के अनुसार, कई खाताधारकों को उस समय गड़बड़ी का पता चला, जब उनकी जमा राशि और बैंक खातों में अपेक्षित रकम नहीं मिली। आरोप है कि ग्राहकों की एफडी समय से पहले तोड़कर धनराशि अन्य खातों में भेजी गई। इस घटनाक्रम से उन लोगों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने भविष्य की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, शादी और बुढ़ापे के सहारे के लिए बैंक में अपनी मेहनत की कमाई जमा कर रखी थी। हालांकि, कथित घोटाले की कुल रकम और प्रभावित खाताधारकों की वास्तविक संख्या जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस और एंटी करप्शन टीम कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एंटी करप्शन टीम जांच में जुटी है। बैंक प्रबंधन की ओर से शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित करने और पूरे स्टाफ को बदलने की कार्रवाई की गई है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि खातों से रकम किस प्रक्रिया के तहत निकाली गई, धनराशि किन खातों में स्थानांतरित हुई और कथित अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
बैंक में जमा रकम की सुरक्षा पर उठे सवाल
ऐच्छर शाखा का यह मामला बैंक में जमा रकम की सुरक्षा और ग्राहकों के भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खाताधारकों को नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट और एफडी की स्थिति की जांच करनी चाहिए तथा किसी भी अनधिकृत लेनदेन की जानकारी मिलते ही बैंक और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत देनी चाहिए। साथ ही शिकायत की रसीद और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि जांच में मदद मिल सके।




