डीएम के निर्देश पर बीएलओ को सौंपी गई जिम्मेदारी
समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने के आदेश
पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने की मुहिम में पारदर्शिता और जवाबदेही पर रहेगा जोर
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
बलदीराय मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम शामिल कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को अपने-अपने मतदान क्षेत्रों में मतदाता सूची से वंचित पात्र नागरिकों की पहचान करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरवाने की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही, निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इन निर्देशों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित अधिकारी धरातल पर कितनी सक्रियता और पारदर्शिता के साथ जिम्मेदारी निभाते हैं।
आदेश के बाद अब अनुपालन पर नजर
तहसील प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, बीएलओ को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे पात्र नागरिकों तक पहुंचना होगा, जिनका नाम अभी मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। उन्हें पात्र लोगों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने, फॉर्म-6 भरने में आवश्यक सहयोग करने तथा प्राप्त आवेदनों को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी निभानी होगी। इस दौरान यह भी जरूरी होगा कि कोई पात्र नागरिक जानकारी के अभाव या अनावश्यक देरी के कारण मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए।
पारदर्शिता के दावों की धरातल पर होगी परीक्षा
प्रशासनिक निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई अहम सवाल भी हैं। क्या सभी मतदान क्षेत्रों में पात्र नागरिकों की पहचान के लिए समान रूप से प्रयास किए जाएंगे? क्या बीएलओ की कार्यप्रगति की नियमित समीक्षा होगी? क्या आवेदन प्राप्त करने से लेकर उनके निस्तारण तक की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरी की जाएगी? इन सवालों का जवाब संबंधित क्षेत्रों में किए गए प्रयासों, प्राप्त आवेदनों और नियमानुसार हुई कार्रवाई के आंकड़ों से सामने आएगा। फिलहाल, इन बिंदुओं को किसी अनियमितता का प्रमाण मानने के बजाय प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की प्रभावशीलता की कसौटी के रूप में देखा जाना चाहिए।
पात्र मतदाता न छूटें, प्रशासनिक निगरानी जरूरी
लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची का विशेष महत्व है। प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराना और उसके आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था की अहम जिम्मेदारी है। इसके लिए बीएलओ की सक्रियता के साथ तहसील प्रशासन की नियमित निगरानी भी आवश्यक है।
अब देखना यह होगा कि फॉर्म-6 भरवाने के निर्देश कितनी प्रभावी ढंग से लागू होते हैं और प्रशासन समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने में कितना सफल रहता है। सरकारी आदेशों की असली परीक्षा कागजी निर्देशों से आगे बढ़कर धरातल पर उनके क्रियान्वयन, पात्र नागरिकों तक पहुंच और पारदर्शी जवाबदेही से ही होगी।




