सीएम योगी करेंगे ‘पद्मलोक आवासीय परियोजना’ का भूमिपूजन
प्रयागराज के चकिया स्थित कसारी-मसारी में 15 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम
अवैध कब्जे से मुक्त जमीन पर विकसित होगी आवासीय परियोजना
प्रयागराज उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
माफिया अतीक अहमद से जुड़ी रही जमीन पर अब गरीब परिवारों के लिए आवास विकसित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 15 अक्टूबर को प्रयागराज के चकिया स्थित कसारी-मसारी क्षेत्र में ‘पद्मलोक आवासीय परियोजना’ का भूमिपूजन करेंगे। इस परियोजना को अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन के जनहित में इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है।

अतीक अहमद का नाम प्रयागराज में अवैध कब्जे और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। ऐसे में उससे संबंधित रही जमीन पर गरीबों के लिए आवासीय परियोजना विकसित किए जाने को अपराध के खिलाफ कार्रवाई के बाद संपत्ति के उपयोग से जोड़कर देखा जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य जमीन का इस्तेमाल आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए करना है।
अवैध कब्जे से मुक्त जमीन पर आवासीय विकास की पहल
प्रयागराज में माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत अवैध कब्जों को हटाने तथा संपत्तियों को मुक्त कराने के मामले लगातार चर्चा में रहे हैं। कसारी-मसारी क्षेत्र में प्रस्तावित ‘पद्मलोक आवासीय परियोजना’ इसी संदर्भ में अहम मानी जा रही है। परियोजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

इस पहल से जमीन के जनहित में उपयोग के साथ जरूरतमंद लोगों को आवास की सुविधा देने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना के तहत कुल कितने आवास बनाए जाएंगे, निर्माण की समयसीमा क्या होगी और पात्र लाभार्थियों का चयन किन मानकों पर किया जाएगा, इस संबंध में आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
भूमिपूजन के बाद निर्माण और आवंटन प्रक्रिया पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित भूमिपूजन कार्यक्रम के बाद परियोजना के निर्माण और आवंटन प्रक्रिया को लेकर लोगों की निगाहें रहेंगी। गरीब परिवारों को इसका लाभ किस प्रकार मिलेगा और आवास पाने के लिए क्या पात्रता निर्धारित की जाएगी, यह महत्वपूर्ण होगा।
परियोजना के धरातल पर उतरने से जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन का जनहित में इस्तेमाल किए जाने का संदेश भी जाएगा। परियोजना के निर्माण, आवासों की संख्या और आवंटन की शर्तों से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद सामने आने की संभावना है।




