डिप्टी सीएम का सवाल—17 करोड़ का प्रोजेक्ट 850 करोड़ तक कैसे पहुंचा
जनता की गाढ़ी कमाई से फाइव स्टार सुविधाएं और स्विमिंग पूल क्यों
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
लोकनायक जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए जेपी की जयंती पर उनके प्रदर्शन को राजनीतिक नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ. राममनोहर लोहिया के नाम का सहारा लेकर अपने कार्यकाल के कृत्यों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है।
ब्रजेश पाठक ने जेपीएनआईसी को बेचने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि योगी सरकार ने केंद्र को बेहतर ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से उसे लीज पर देने की व्यवस्था की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान 17 करोड़ रुपये की परियोजना की लागत बढ़कर 850 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई? परियोजना की लागत बार-बार बढ़ाए जाने को लेकर उन्होंने सपा प्रमुख से जवाब मांगा।
फाइव स्टार सुविधाओं पर सवाल, जनता के पैसे का हिसाब मांगा
डिप्टी सीएम ने जेपीएनआईसी में फाइव स्टार सुविधाओं और स्विमिंग पूल जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या जनता की गाढ़ी कमाई सुख-सुविधाओं पर खर्च की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल जनहित को ध्यान में रखकर होना चाहिए और परियोजनाओं की लागत में हुई बढ़ोतरी पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनके मुताबिक, जेपीएनआईसी को लेकर सपा की राजनीति से अधिक जरूरी उसके निर्माण, खर्च और संचालन से जुड़े सवालों का जवाब देना है।
जेपी के आदर्शों की दुहाई देने वाली सपा पर परिवारवाद का आरोप
ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने भ्रष्टाचार, कदाचार और परिवारवाद के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया। ऐसे महापुरुषों के नाम पर राजनीति करने के बजाय उनके विचारों और आदर्शों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जेपी और लोहिया के विचारों की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाते हुए लोगों से भ्रष्टाचार, कदाचार और परिवारवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। जेपीएनआईसी को लेकर भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है।




