छह माह बढ़ सकता है प्रशासक का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रही है मौजूदा अवधि
पंचायतीराज विभाग में प्रस्ताव पर मंथन
पंचायत चुनाव में देरी की आशंका के बीच गांवों में विकास कार्य जारी रखने की तैयारी
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के 57 हजार से अधिक ग्राम प्रधानों को एक बार फिर राहत मिल सकती है। प्रदेश में ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में सौंपी गई जिम्मेदारी का कार्यकाल छह महीने और बढ़ाए जाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, पंचायतीराज विभाग इस संबंध में प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। हालांकि, अभी तक कार्यकाल बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को छह महीने अथवा पंचायत चुनाव संपन्न होने तक प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके तहत वर्तमान व्यवस्था का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अवधि पूरी होने से पहले ही विभागीय स्तर पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव की तैयारियों और चुनावी प्रक्रिया पूरी होने में अभी समय लग सकता है। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मौजूदा व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश के 57,694 ग्राम प्रधान अगले छह महीने तक प्रशासक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा सकते हैं।
हालांकि, कार्यकाल विस्तार को लेकर अंतिम फैसला शासन स्तर पर लिया जाना है। फिलहाल ग्राम प्रधानों की नजर पंचायतीराज विभाग और शासन के अगले निर्णय पर टिकी हुई है।




