पट्टीदार समेत दो गिरफ्तार लूट के लिए की थी वारदात
पहचान खुलने के डर से पत्नी पर फावड़े से किए ताबड़तोड़ वार; भाग रहे शिक्षक को कुल्हाड़ी से काट डाला
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
सुल्तानपुर जनपद, कादीपुर मनराजी शिक्षण संस्थान में शिक्षक दंपती मुकेश कुमार सिंह और विनीता सिंह की नृशंस हत्या का पुलिस ने सात दिन में राजफाश कर दिया। पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित फावड़ा और कुल्हाड़ी, लूटे गए 34,960 रुपये, मृतका का आधार कार्ड और वारदात के समय पहने कपड़े बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपितों में संस्थान में बस चालक व कंप्यूटर शिक्षक रहा राकेश कुमार यादव तथा उसका पट्टीदार आशीष यादव उर्फ डब्बू शामिल है।
पुलिस के अनुसार, दोनों को रविवार को बुढ़ाना पुल बड़ी नहर पुलिया से करीब 50 मीटर पूर्व गिरफ्तार किया गया। राकेश कुमार यादव निवासी कुम्ही डड़िया की उम्र 36 वर्ष और आशीष यादव की उम्र 26 वर्ष बताई गई है।
लॉकर की चाबी और सीसीटीवी की लोकेशन जानता था राकेश
28/29 सितंबर की रात कुम्हीडड़िया स्थित मनराजी शिक्षण संस्थान में सहायक अध्यापक मुकेश कुमार सिंह (53) और उनकी पत्नी विनीता सिंह (47) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई अखिलेश सिंह की तहरीर पर 29 सितंबर को कादीपुर थाने में हत्या, लूट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
एसपी विनीत जायसवाल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए एसओजी, सर्विलांस और फील्ड यूनिट समेत पांच टीमें लगाई थीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि राकेश को संस्थान की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी। उसे कार्यालय की अलमारी और लॉकर की चाबी के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन भी पता थी।
पुलिस के मुताबिक, आर्थिक तंगी से परेशान राकेश ने अपने पट्टीदार आशीष के साथ मिलकर संस्थान में चोरी की योजना बनाई। दोनों रात में चाबी के सहारे लॉकर खोलकर रुपये निकाल रहे थे। इसी दौरान विनीता ने उन्हें देख लिया। पहचान उजागर होने के डर से राकेश ने पास रखे फावड़े से विनीता पर कई वार कर दिए।
मुकेश ने भागने की कोशिश की तो कुल्हाड़ी से किया हमला
पुलिस का दावा है कि पत्नी पर हमला होते देख मुकेश कुमार सिंह वहां से जान बचाकर भागने लगे। दोनों आरोपितों ने उनका पीछा किया और कुल्हाड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपित लॉकर से 34,960 रुपये, मोबाइल और आधार कार्ड लेकर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद राकेश ने मृतका के मोबाइल से कई लेनदेन किए और बाद में मोबाइल को कुएं में फेंक दिया। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
गिरफ्तार राकेश के पास से 18,220 रुपये और विनीता का आधार कार्ड तथा आशीष के कब्जे से 16,740 रुपये बरामद हुए। इसके अलावा राकेश के बरमूडा और सफेद-काले छींटदार लाल टी-शर्ट तथा आशीष की नीली जींस और सफेद-काली लाइन वाली टी-शर्ट भी बरामद की गई है।
दोनों पर पहले से मुकदमे, चार्जशीट के लिए एसआइटी गठित
पुलिस के अनुसार राकेश के विरुद्ध वर्ष 2012 और 2021 के मुकदमों के अलावा वर्तमान हत्याकांड का मुकदमा दर्ज है। आशीष के विरुद्ध भी वर्ष 2021 का मुकदमा दर्ज बताया गया है। एसपी ने मामले में एसआइटी गठित कर दी है। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शीघ्र चार्जशीट दाखिल करने और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए गए हैं।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक दीपेन्द्र विक्रम सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक तरुण कुमार पटेल, उपनिरीक्षक अरुण दुबे, हेड कांस्टेबल विजय बाबू सोनी समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।




