किसान नेता राजीव यादव के उत्पीड़न पर भड़की पूर्वांचल किसान यूनियन, बड़े आंदोलन की चेतावनी
सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद दर्ज मुकदमे पर विवाद, आठ युवाओं की गिरफ्तारी का विरोध
इंसाफ की आवाज उठाने वालों को डराने का आरोप, किसान संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद न्याय की मांग कर रहे युवाओं पर मुकदमा दर्ज किए जाने और उनकी गिरफ्तारी का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस प्रकरण में युवाओं के समर्थन में आवाज उठाने वाले सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव के घर पुलिस की दबिश के बाद किसान संगठनों ने नाराजगी जताई है। पूर्वांचल किसान यूनियन ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए किसान नेताओं का उत्पीड़न बंद करने और युवाओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि घिनहापुर स्थित राजीव यादव के घर देर रात पुलिस ने छापेमारी की।
उन्होंने कहा कि सड़क हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे युवाओं को ही मुकदमे में फंसाकर जेल भेजना गंभीर सवाल खड़े करता है। न्याय की मांग उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान नेता पुलिस की कथित धमकियों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और युवाओं को न्याय दिलाने की लड़ाई सड़क से लेकर अदालत तक जारी रहेगी।
आठ युवाओं की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद वीरेन्द्र यादव के मुताबिक, तहबरपुर क्षेत्र के चिरावल गांव निवासी शिवम पाल की पिछले दिनों सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार को न्याय दिलाने और हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे युवाओं के खिलाफ तहबरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोप है कि नौ गांवों के 31 नामजद लोगों समेत 40 से 50 अज्ञात पुरुषों और महिलाओं के खिलाफ नौ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में आठ युवाओं को जेल भेजा गया है। किसान संगठनों का दावा है कि गिरफ्तार युवाओं में अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
यूनियन का आरोप है कि इसके बाद गांवों में रात के समय पुलिस की लगातार दबिश से लोगों में भय और नाराजगी का माहौल बन रहा है। किसान नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सड़क हादसे में युवक की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन को चेतावनी, मुकदमा वापसी की मांग
किसान नेता राजीव यादव ने युवाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे का मुद्दा उठाते हुए जिलाधिकारी आजमगढ़ को ज्ञापन सौंपा था। इसमें मुकदमा वापस लेने की मांग की गई थी। वीरेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि इसके बाद राजीव यादव और सोशलिस्ट किसान सभा के अन्य नेताओं को भी मुकदमे में फंसाने तथा गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की धमकी दी जा रही है।
उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से किसान नेताओं के खिलाफ कथित उत्पीड़न रोकने, गिरफ्तार युवाओं के मामले की निष्पक्ष समीक्षा करने और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की। वीरेन्द्र यादव ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई और युवाओं पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो पूर्वांचल किसान यूनियन व्यापक आंदोलन करेगी। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस की होगी।
फिलहाल, इस प्रकरण में किसान संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। मामले में पुलिस और जिला प्रशासन का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




