अतिक्रमण, क्रेन से वाहन उठाने, साइबर अपराध और एफआइआर में आनाकानी का मुद्दा प्रमुखता से उठा
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
लखनऊ। राजधानी के व्यापारियों ने पुलिस-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर बुधवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार के साथ बैठक की। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित संगोष्ठी सदन में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने व्यापारियों की ओर से 12 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा। बैठक में अतिक्रमण, यातायात व्यवस्था, साइबर अपराध, व्यापारियों के बैंक खाते फ्रीज होने, एफआइआर दर्ज करने में कथित आनाकानी और बाजारों की सुरक्षा सहित कई मुद्दे उठाए गए।
व्यापारियों ने कहा कि भूतनाथ मार्केट, अमीनाबाद, आलमबाग और पत्रकारपुरम समेत प्रमुख बाजारों में अस्थायी अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। नगर निगम के अभियान के बाद अतिक्रमण हटता है, लेकिन कुछ समय बाद दोबारा लग जाता है। व्यापारियों ने स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी और स्थायी व्यवस्था की मांग की।
क्रेन से वाहनों को उठाकर 1100 रुपये या उससे अधिक शुल्क लिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारियों का कहना था कि केवल वाहन उठाने की कार्रवाई से यातायात समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। अयोध्या रोड, पत्रकारपुरम, अशोक मार्ग और आलमबाग समेत कई स्थानों की यातायात व्यवस्था को लेकर भी सुझाव दिए गए।
नरही बाजार के मार्ग पर अस्थायी बैरिकेडिंग से कारोबारियों और आम लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारियों ने बर्लिंगटन चौराहा, बादशाह नगर रेलवे स्टेशन के सामने और हुसैनगंज से हीवेट रोड की ओर जाने वाले मार्ग समेत अन्य स्थानों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी समाधान की मांग की।
खाते फ्रीज होने और साइबर अपराध पर भी चिंता
डिजिटल भुगतान के बाद दूसरे राज्यों या जिलों की पुलिस द्वारा व्यापारियों के बैंक खाते फ्रीज किए जाने की समस्या पर भी चर्चा हुई। व्यापारियों का कहना था कि ग्राहक द्वारा किए गए भुगतान के स्रोत की जानकारी व्यापारी को हमेशा नहीं होती, ऐसे में खाते फ्रीज होने से कारोबार प्रभावित होता है। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि जिस व्यापारी का खाता फ्रीज हुआ है, वह साइबर सेल और संबंधित थाने को जानकारी दे। उन्होंने एक सप्ताह में समस्या के समाधान का प्रयास किए जाने की बात कही।
साइबर अपराध की स्थिति में 1930 पर तत्काल शिकायत करने और थाने में भी सूचना देने की अपील की गई। व्यापारियों ने शिकायत के बाद समय पर सहायता न मिलने का मुद्दा उठाते हुए साइबर मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
एफआइआर में आनाकानी न हो, बाजारों में बढ़ेगी गश्त
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में थानों पर प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी की जाती है अथवा शिकायतकर्ता द्वारा बताई गई घटना का स्वरूप बदलने के लिए कहा जाता है। इस पर संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि किसी व्यापारी या आम नागरिक की शिकायत दर्ज करने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने थाना प्रभारियों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही।
त्योहारों और सर्दी के मौसम में चोरी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए बाजारों में गश्त बढ़ाने की मांग भी व्यापारियों ने रखी। व्यापारियों ने यह भी कहा कि चोरी या लूट की घटनाओं में आरोपित पकड़े जाने के बाद भी कई बार पूरा माल बरामद नहीं हो पाता, इसलिए बरामदगी पर भी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
टेंट और कैटरिंग कारोबारियों ने सामान लाने-ले जाने वाले वाहनों को लेकर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कार्यक्रमों में सामान की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए कर्मचारियों का साथ होना जरूरी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने टेंट-कैटरिंग कारोबारियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया।
सातों दिन दुकान खोलने की अनुमति से जुड़े प्रकरण में भी व्यापारियों ने समान व्यवस्था लागू करने की मांग की। मुख्यमंत्री पोर्टल की शिकायतों के कथित गलत निस्तारण की शिकायत भी बैठक में रखी गई।
बैठक में प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद अफजल, प्रदेश मंत्री संदीप सिंह गौर, प्रदेश उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह चड्ढा, नगर महामंत्री राजीव शुक्ला सहित राजधानी के विभिन्न बाजारों के अध्यक्ष, महामंत्री और पदाधिकारी मौजूद रहे।




