स्नातक-शिक्षक सीटों पर 10 प्रत्याशियों की घोषणा, वाराणसी से केदारनाथ तो मेरठ से दिनेश गोयल मैदान में
23 अक्टूबर को मतदान, प्रत्याशियों के नाम सामने आते ही दोनों राज्यों में चुनावी सरगर्मी बढ़ने के आसार
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद मंगलवार को बिहार की चार और उत्तर प्रदेश की छह सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। भाजपा की सूची सामने आने के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियों के तेज होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक से अशोक कुमार राठौर को प्रत्याशी बनाया है। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वाराणसी से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी को मैदान में उतारा गया है।
बिहार में भाजपा ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार तथा तिरहुत शिक्षक से नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है।
विधान परिषद की इन सीटों पर चुनाव में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की भूमिका अहम रहती है। ऐसे में भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब संबंधित क्षेत्रों में संपर्क अभियान और चुनावी रणनीति को गति मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में कुल 11 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव होना है, जिनमें भाजपा ने फिलहाल छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं।
मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
भाजपा की सूची को आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर शिक्षक और स्नातक मतदाता वर्ग के बीच प्रत्याशियों का सीधा संपर्क, संगठन की सक्रियता और स्थानीय मुद्दे चुनावी अभियान के प्रमुख आधार बन सकते हैं। अब प्रत्याशियों के सामने नामांकन के बाद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच पहुंच बढ़ाने की चुनौती होगी।




