किसानों को मिलेंगे देशभर के भाव एगमार्कनेट 2.0 से 100 प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग शुरू
आवक और कीमतों की जानकारी से बाजार का आकलन होगा आसान
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
उत्तर प्रदेश की मंडी व्यवस्था को डिजिटल और राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश की सभी 251 कृषि उपज मंडियां अब राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना नेटवर्क ‘एगमार्कनेट 2.0’ से जुड़ गई हैं। ई-मंडी पोर्टल के एपीआई आधारित एकीकरण के बाद प्रदेश की मंडियों से कृषि उपज की आवक और कीमतों की 100 प्रतिशत मार्केट रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो गई है।
केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस उपलब्धि की सराहना की है। राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ने के बाद उत्तर प्रदेश की मंडियों में दर्ज कृषि उपज के भाव और आवक से संबंधित आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे किसानों, व्यापारियों और नीति-निर्माताओं को बाजार की स्थिति समझने में सुविधा होगी।
किसान अलग-अलग मंडियों के भाव से कर सकेंगे तुलना
एगमार्कनेट 2.0 से जुड़ने का सबसे सीधा लाभ किसानों को बाजार संबंधी जानकारी के रूप में मिलेगा। किसान विभिन्न मंडियों में अपनी उपज के चल रहे भाव और आवक की स्थिति की जानकारी लेकर बाजार का रुख समझ सकेंगे। इससे उपज बेचने के लिए मंडी का चयन और विपणन से जुड़े निर्णय लेने में उन्हें मदद मिल सकती है।
डिजिटल आंकड़ों से बढ़ेगी बाजार में पारदर्शिता
ई-मंडी के माध्यम से मंडियों की कई प्रक्रियाओं को पहले ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा चुका है। अब राष्ट्रीय नेटवर्क से एकीकरण के बाद अलग-अलग मंडियों के भाव और आवक के तुलनात्मक आंकड़े उपलब्ध होने से कृषि बाजार की निगरानी और विश्लेषण को मजबूती मिलेगी।
व्यापारियों को भी विभिन्न मंडियों की स्थिति जानने में सुविधा होगी।
सरकार के स्तर पर भी इन आंकड़ों का इस्तेमाल कृषि बाजार के रुझानों के विश्लेषण और नीतिगत निर्णयों के लिए किया जा सकेगा। प्रदेश की सभी मंडियों का एगमार्कनेट 2.0 से जुड़ना उत्तर प्रदेश की मंडी व्यवस्था को डेटा आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




