तिलौथू रोहतास/Etv News 24
सरस्वती विद्या मंदिर तिलौथू के द्वारा विद्या भारती के तत्वाधान में संचालित राष्ट्रगीत वंदे मातरम की रचना 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तिलौथू प्रखंड के 15 स्थान पर वंदे मातरम गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें करीब 4500 लोगों ने भाग लिया। तिलौथू प्रखंड के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर तिलौथू, बेसिक स्कूल तिलौथू, बाल विद्या केंद्र महाराजगंज ,खेल मैदान बाबूगंज, मध्य विद्यालय मिर्जापुर ,ग्रीन माउंट पब्लिक स्कूल फारुक गंज, दुर्गा मंदिर सरैया ,उच्च विद्यालय रामडिहरा ,तुतला भवानी रेडिया, जीवन उत्सव पब्लिक स्कूल चंदनपुरा, प्रभा एकेडमी हुरका,काली मंदिर भिसड़ा, नारायण वर्ल्ड सासाराम, ठीकरा कान्वेंट किड्स प्ले कटार ,लगभग 15 स्थान पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभिन्न जगहों पर मुख्य अतिथि ,विशिष्ट अतिथि एवं साक्षी व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया जिसमें सरस्वती विद्या मंदिर तिलौथू में अजय प्रकाश(राधा संता कॉलेज के प्रोफेसर) , रामराज चौधरी पूर्व कोषाध्यक्ष, श्रीमती पूजा एसआई तिलौथू , बाबूगंज सुमेर कुमार सिंह,रविकांत दुबे, विजय सिंह, बालकेश्वर सिंह, राजेश कुमार सिंह एवं बेसिक स्कूल में राकेश कुमार सिंह , दिवाकर मिश्रा , तरुण कुमार मिश्रा , चंदनपूरा जीवन उत्सव पब्लिक स्कूल में जंगली प्रसाद चौरसिया, दीपक कुमार अकेला एवं हुरका में वैभव जी शशि रंजन जी, रजा अंसारी, रेडिया में वन रक्षी सतानंद कुमार, महेंद्र ओझा दीपक कुमार चौधरी, महाराजगंज में मणिराज चौधरी ,सुदर्शन चौधरी, प्रिंस कुमार, सरैया में करमदेव प्रसाद शर्मा हंसराज कुमार राकेश कुमार मिर्जापुर में प्रवीण कुमार सिंह अश्विनी कुमार दुबे (पूर्व छात्र ),सच्चिदानंद सिन्हा, फ़ारूकगंज में तारा कांत दुबे(पूर्व छात्र के संयोजक), विकास सिंह ,मनोज कुमार एवं कटार में नीरू गुप्ता ,रितेश कुमार सीमा शुक्ला ,मनोज श्रीवास्तव एवं जयनगरा में नवल किशोर सिंह, उमेश शुक्ला, राकेश शर्मा एवं नारायण वर्ल्ड जमुहार में सुधा सिंह, उपांशु कुमार सिन्हा, वृष केतु कुमार सिंह, की उपस्थिति हुई। सरस्वती विद्या मंदिर तिलौथू के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नमामि भारतम् देश के प्रति समर्पण त्याग ,बलिदान और सद्भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि आज देश भर में एक करोड़ से अधिक भैया बहन समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने और विद्या भारती परिवार के लोगों के साथ एक समय एक स्वर और एक लय में पूरे समाज के लोगों के साथ वंदे मातरम गायन किए जाएंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय एकता , अखंडता और समरसता का अद्भुत संदेश देगा। उन्होंने बताया कि विद्या भारती की विद्यालयों में वर्ष 1952 में गोरखपुर में पहले सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना के समय 6 श्लोकों की गायन की परंपरा रही है जिसमें वंदे मातरम का गायन विद्या भारती की विद्यालयों में प्रतिदिन किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया की इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और नागरिकों में राष्ट्रभक्ति के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करना है साथ ही नहीं पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम की ऐतिहासिक भूमिका से परिचित कराना है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज के लोगों का एवं सरस्वती विद्या मंदिर तिलौथू के आदर्श भैया बहन एवं संपूर्ण आचार्य की अहम भूमिका रही।




