भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी : शिया पर्सनल लॉ बोर्ड महासचिव
विदेशों में फंसे भारतीयों के स्वजन की चिंताओं को भी गंभीरता से सुने केंद्र सरकार
लखनऊ उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने मिडिल ईस्ट में भारतीय युवाओं की कथित हिरासत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसे मामलों में प्रभावी और सख्त कूटनीतिक कदम उठाने की अपील की है।मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि भारतीय युवाओं को ईरान के समर्थन और उनके धार्मिक विश्वासों के आधार पर कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय नागरिक विदेशों में हिरासत में हैं तो उनकी सुरक्षा, रिहाई और सकुशल भारत वापसी सुनिश्चित करने के लिए सरकार को संबंधित देशों के साथ गंभीरता से कूटनीतिक संवाद करना चाहिए।उन्होंने कहा कि विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना भारत सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में सरकार को हर संभव प्रभावी कदम उठाना चाहिए, ताकि प्रभावित युवाओं और उनके परिवारों को राहत मिल सके।मौलाना यासूब अब्बास ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित देशों के समक्ष भारतीय नागरिकों का मुद्दा उठाएगी और उनकी जल्द रिहाई के लिए आवश्यक प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों के परिवारों की चिंताओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।




