‘सपा प्रमुख तक ही क्यों पहुंच रहे हैं बड़े खुलासे?’ चुनाव आयोग की कार्यशैली पर अखिलेश ने उठाए गंभीर सवाल
राम मंदिर चढ़ावा से लेकर वोटर लिस्ट तक अखिलेश ने साधा निशाना, निष्पक्ष चुनाव को लेकर उठाए सवाल
लखनऊ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
राजधानी लखनऊ राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में जांच और चार्जशीट की कार्रवाई के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और अधिकारियों की आपत्तियों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
जअखिलेश यादव ने कहा कि पिछले 10 महीनों में अधिकारियों ने 14 बार नोट लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। इसके बावजूद उन आपत्तियों पर क्या कार्रवाई हुई, यह सवाल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से राजनीतिक दल निष्पक्ष भूमिका की अपेक्षा करते हैं।
सपा प्रमुख ने 2022 के विधानसभा चुनाव और बाद के उपचुनावों का भी जिक्र किया।
उनका दावा था कि उस समय मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सपा की ओर से गंभीर शिकायतें की गई थीं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के साथ शपथपत्र भी दिए गए, लेकिन किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने चुनावी अनियमितताओं को लेकर पहले भी आवाज उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
प्रेस कान्फ्रेंस में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण का मुद्दा भी
राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहा। अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने बुधवार को आठ आरोपितों के खिलाफ लगभग 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच में मंदिर के दानपात्रों की देखरेख और नकदी की गिनती से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की गई है।
इसी प्रकरण में जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी जानकारी अखिलेश यादव तक पहुंचाने में एक बैंककर्मी की भूमिका की पुलिस जांच कर रही थी। पेपर के हवाला देते हुए कहा पेपर पढ़ लिए होगे पुलिस और एसआइटी ने बैंक से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की और इसी क्रम में यह कड़ी सामने आई।
अखिलेश यादव पहले भी राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सवाल उठा चुके हैं। जून में उन्होंने मामले में न्यायालय से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की थी। बाद में मामले की जांच एसआइटी को सौंपी गई और कार्रवाई आगे बढ़ी।
अब एक ही प्रेस कान्फ्रेंस में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और चुनाव आयोग की कार्यशैली का मुद्दा उठाए जाने से प्रदेश की सियासत में चर्चा उठाते हुए कहा कि आने वाले समय में जनता इन मुद्दों पर जवाब देगी।




