अखिलेश के बयान के बाद चुनाव आयोग का जवाब,
SIR से लेकर ECINET तक बताई अपनी प्रक्रिया
चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव के बयान के बाद ECI ने जारी की सफाई, कहा- फैसले संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं
नई दिल्ली Etv News 24/संवाददाता वागीश कुमार
नई दिल्ली समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और आयोग के भीतर कथित मतभेद को लेकर उठाए गए सवालों के बाद निर्वाचन आयोग ने बुधवार को प्रेस नोट जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 324, वैधानिक नियमों और स्थापित संस्थागत परंपराओं के तहत काम करता है तथा उसके सभी कार्य कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप होते हैं।
आयोग ने अपने प्रेस नोट में कहा कि उसके सदस्यों के बीच किसी मुद्दे पर अलग-अलग विचार और टिप्पणियां होना संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा है। अंतिम निर्णय लेने से पहले विचार-विमर्श की प्रक्रिया अपनाई जाती है। आयोग के मुताबिक केवल तीनों आयुक्त ही नहीं, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी मतदाता प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने के लिए अधिकृत है।
ECI ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले कुछ महीनों में लिए गए निर्णयों, जारी निर्देशों और शुरू की गई नई पहलों को केवल आंतरिक टिप्पणियों के आधार पर देखने से तस्वीर का एक पक्ष ही सामने आता है। आयोग ने दावा किया कि इस अवधि में करीब 40 नई पहल शुरू की गईं और मतदाता सूची संशोधन समेत चुनावी प्रक्रिया में कई सुधार किए गए।
आयोग ने डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET, ईआरओनेट और अन्य प्रणालियों के संबंध में भी कहा कि ये कड़े डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संचालित होते हैं। आयोग के अनुसार पहचान सुरक्षा जांच झरने और ऑडिट नियंत्रण राष्ट्रीय डेटाबेस में लागू मानक साइबर सुरक्षा उपायों का हिस्सा हैं। ईआरओ और डीईओ समेत निर्वाचन अधिकारी कानून के तहत अपनी निर्धारित शक्तियों के अनुसार कार्य करते हैं।
आयोग ने कहा कि हाल के समय में बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख चुनावों तथा चुनाव संबंधी अभ्यासों का सफल संचालन किया गया है। आयोग ने अंत में संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
*ECI ने कहा- अलग-अलग विचार सामान्य, अंतिम निर्णय से पहले होती है पूरी प्रक्रिया**अखिलेश के बयान के बाद चुनाव आयोग का जवाब,* *SIR से लेकर ECINET तक बताई अपनी प्रक्रिया**चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव के बयान के बाद ECI ने जारी की सफाई, कहा- फैसले संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं**संवाददाता वागीश कुमार**नई दिल्ली* समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और आयोग के भीतर कथित मतभेद को लेकर उठाए गए सवालों के बाद निर्वाचन आयोग ने बुधवार को प्रेस नोट जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 324, वैधानिक नियमों और स्थापित संस्थागत परंपराओं के तहत काम करता है तथा उसके सभी कार्य कानून और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप होते हैं।आयोग ने अपने प्रेस नोट में कहा कि उसके सदस्यों के बीच किसी मुद्दे पर अलग-अलग विचार और टिप्पणियां होना संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा है। अंतिम निर्णय लेने से पहले विचार-विमर्श की प्रक्रिया अपनाई जाती है। आयोग के मुताबिक केवल तीनों आयुक्त ही नहीं, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी मतदाता प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने के लिए अधिकृत है।ECI ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले कुछ महीनों में लिए गए निर्णयों, जारी निर्देशों और शुरू की गई नई पहलों को केवल आंतरिक टिप्पणियों के आधार पर देखने से तस्वीर का एक पक्ष ही सामने आता है। आयोग ने दावा किया कि इस अवधि में करीब 40 नई पहल शुरू की गईं और मतदाता सूची संशोधन समेत चुनावी प्रक्रिया में कई सुधार किए गए।आयोग ने डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET, ईआरओनेट और अन्य प्रणालियों के संबंध में भी कहा कि ये कड़े डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संचालित होते हैं। आयोग के अनुसार पहचान सुरक्षा जांच झरने और ऑडिट नियंत्रण राष्ट्रीय डेटाबेस में लागू मानक साइबर सुरक्षा उपायों का हिस्सा हैं। ईआरओ और डीईओ समेत निर्वाचन अधिकारी कानून के तहत अपनी निर्धारित शक्तियों के अनुसार कार्य करते हैं।आयोग ने कहा कि हाल के समय में बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख चुनावों तथा चुनाव संबंधी अभ्यासों का सफल संचालन किया गया है। आयोग ने अंत में संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन और लोकतांत्रिक व्यवस्था को आगे बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




