जदयू ने डीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, कार्रवाई न होने पर उठाए सवाल
बल्दीराय से धनपतगंज तक APO के लंबे कार्यकाल पर सवाल, मुख्यालय में 20 साल से तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर के स्थानांतरण की मांग
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/Etv News 24/संवाददाता वागीश
मनरेगा योजना में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से जमे कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश उपाध्याय ने गुरुवार को जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मनरेगा में व्याप्त कथित अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारी ने एलआईयू की मौजूदगी में ज्ञापन प्राप्त किया।
उपाध्याय ने आरोप लगाया कि इससे पहले आठ अक्टूबर को भी जिलाधिकारी और एलआईयू को व्हाट्सएप के माध्यम से ज्ञापन भेजकर समस्याओं से अवगत कराया गया था। इस मामले को समाचार पत्रों में भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
उनका कहना है कि कार्रवाई के अभाव में पुरानी व्यवस्था बनी हुई है, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा मिलने की आशंका है।
ज्ञापन में विकास खण्ड बल्दीराय ब्लॉक, विकास खण्ड ब्लॉक लम्भुआ, विकास खण्ड ब्लॉक मोतिगरपुर, विकास खण्ड ब्लॉक कूरेभार और विकास खण्ड ब्लॉक धनपतगंज समेत कई विकासखंडों में वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों (एपीओ) के स्थानांतरण की मांग उठाई गई है।
करौंदीकला विकासखंड में योजना की शुरुआत से ही एक ही एपीओ के कार्यरत रहने का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा मनरेगा सेल मुख्यालय में करीब 20 वर्षों से तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर का तबादला करने और शहरों में भी मनरेगा योजना लागू करने की मांग की गई है।
ओम प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि मनरेगा गरीब मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और उनके आर्थिक अधिकारों की रक्षा करने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों की तैनाती की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए।




