प्रारंभिक जांच के आदेश, दो करोड़ रुपये मांगने का है आरोप
2006 में भी हुई थी जांच, आरोप साबित न होने पर बंद कर दिया गया था मामला
तिरुवनंतपुरम /Etv News 24
सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ करीब 20 साल पुराने रिश्वत मांगने के आरोपों की दोबारा जांच होगी। केरल के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) को मामले की प्रारंभिक जांच करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (केएसटीपी) के तहत सड़क निर्माण कार्य के भुगतान से जुड़ा है। आरोपों के समय ज्ञानेश कुमार केरल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव के पद पर तैनात थे।
सूत्रों के मुताबिक कोल्लम के ठेकेदार साजन ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण परियोजना का काम पूरा होने के बाद भुगतान जारी करने के बदले उनसे दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। साजन के मुताबिक, परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने करीब 17 करोड़ रुपये के बिलों को मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद भुगतान के चेक जारी नहीं किए जा रहे थे। उनका दावा है कि मलेशियाई कंपनी पीएटीआई-बेल के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने उन्हें बताया था कि रिश्वत दिए बिना भुगतान मिलना मुश्किल है।
इस मामले में एक गंभीर पहलू यह भी है कि भुगतान में देरी और कथित दबाव के बीच ली सी बीन ने वर्ष 2006 में आत्महत्या कर ली थी। हालांकि, वर्ष 2006 में भी इस प्रकरण की विजिलेंस जांच कराई गई थी, लेकिन आरोपों की पुष्टि नहीं होने के बाद जांच बंद कर दी गई थी। अब नई शिकायत के आधार पर एक बार फिर प्रारंभिक जांच शुरू की जाएगी।
फिलहाल ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों ने एसआईआर की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। ऐसे में पुराने रिश्वत आरोपों की दोबारा जांच के आदेश से राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज होने की संभावना है।




