2012 से राहुल गांधी के संघर्षों के साथ खड़े रहे इमरान प्रतापगढ़ी: अयाज खान अच्छू
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा कांग्रेस परिवार
साझा संघर्ष से बने रिश्तों की झलक, समर्थकों के उत्साह ने खींचा ध्यान
प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
जनपद प्रतापगढ़ मे राजनीतिक संघर्षों में जब साथी एक-दूसरे के समर्थन में खड़े होते हैं, तो यह केवल किसी नेता के स्वागत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आपसी विश्वास और लंबे साथ की कहानी भी बयां करता है। इमरान प्रतापगढ़ी को समर्थकों द्वारा कंधों पर उठाकर नारेबाजी करने का दृश्य इसी एकजुटता और अपनत्व का प्रतीक बनकर सामने आया। यह बात अयाज खान अच्छू ने कही, जिन्हें राहुल गांधी द्वारा ‘न्याय योद्धा’ सम्मान से सम्मानित किया गया है।
अयाज खान अच्छू ने कहा कि इमरान प्रतापगढ़ी को केवल कांग्रेस के
अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में देखना उनके लंबे राजनीतिक सफर को सीमित करना होगा। वर्ष 2012 से वह राहुल गांधी के संघर्षों के साथ अपनी गजलों, नज्मों और शब्दों की ताकत लेकर खड़े रहे हैं। साथियों के साथ विचार-विमर्श करना, राहुल गांधी के विचारों और सपनों को समझना तथा उन्हें अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना भी इस सफर का अहम हिस्सा रहा है।
उन्होंने कहा कि समर्थकों के कंधों पर इमरान प्रतापगढ़ी को उठाना और उनके समर्थन में नारे लगाना इस बात का प्रतीक है कि राजनीतिक रिश्ते केवल पद और जिम्मेदारियों से नहीं बनते, बल्कि साझा संघर्ष और उद्देश्य से मजबूत होते हैं। जब संघर्ष साझा होता है, तो उसकी खुशी भी सभी की होती है।
अयाज खान अच्छू ने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी साथियों को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उन मूल्यों की है, जिन पर देश का लोकतांत्रिक ढांचा टिका है। उन्होंने साझा संकल्प और एकजुटता को इस राजनीतिक सफर की सबसे बड़ी ताकत बताया।




