50 कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण तीन से छह वर्ष तक के बच्चों की होगी पहचान, उपचार और शिक्षा से जोड़ने पर जोर
सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश/ Etv News 24/संवाददाता वागीश
जनपद सुल्तानपुर के विकास खण्ड ब्लॉक बल्दीराय दिव्यांग बच्चों की शुरुआती पहचान कर उन्हें समय पर उपचार और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मदद ली जाएगी। इसके तहत बल्दीराय ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों की 50 कार्यकत्रियां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
प्रशिक्षण का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी वेद प्रकाश यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि अब तक छह से 14 वर्ष तक के बच्चों का डाटा एकत्र किया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को भी चिह्नित किया जाएगा। इससे कम उम्र में ही दिव्यांगता की पहचान कर बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
प्रशिक्षण संदर्भदाता जूही सिंह ने बताया कि दिव्यांगता की शुरुआती पहचान होने से बच्चों को समय रहते उपचारात्मक और शैक्षिक सहयोग दिलाना आसान हो जाता है। बीआरसी संदीप पांडेय ने कार्यकत्रियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें जरूरी सुविधाओं से जोड़ने की अपील की। प्रशिक्षण में विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं और उनकी पहचान के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। इस मौके पर उर्मिला देवी, सुमन देवी, सलोनी तिवारी, रेखा तिवारी और प्रतिमा पांडेय समेत अन्य कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।




